
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
पटना 19 नवंबर 2023। लोक आस्था के महापर्व छठ का आज तीसरा दिन है। आज अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। छठ का पहला अर्घ्य षष्ठी तिथि को दिया जाता है। यह अर्घ्य अस्ताचलगामी सूर्य को दिया जाता है। इस समय जल में दूध डालकर सूर्य की अंतिम किरण को अर्घ्य दिया जाता है। पंडितों के अनुसार, रविवार शाम 05:22 बजे तक भगवान भास्कर को अर्घ्य देने का समय है। इधर, पटना समेत पूरे बिहार में छठ घाट सज कर पूरी तरह तैयार हो चुकी है। जिला प्रशासन की ओर से सारी तैयारी पहले ही पूरी कर ली गई है। पटना में भी छठ के लिए 100 से अधिक घाट तैयार किए गए हैं। इनमें कलेक्ट्रेट घाट, महेंद्रु घाट, दीघा घाट, गाय घाट पर काफी भीड़ उमड़ती है।
पटना एसएसपी राजीव मिश्रा ने कहा कि पटना में छठ घाट पर सुरक्षा की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी जगह पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर ली गई है। कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। सभी घाटों पर वॉच टावर भी लगाए गए हैं। सीसीटीवी से भी निगरानी रखी जा रही है। लोगों से अपील है कि किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। किसी भी समस्या के लिए पुलिस से संपर्क करें।
जानिए, भगवान भास्कर को अर्घ्य देने का फल
सूर्य की पूजा मुख्य रूप से तीन समय विशेष लाभकारी होती है – प्रातः , मध्यान्ह और सायंकाल। प्रातःकाल सूर्य की आराधना स्वास्थ्य को बेहतर करती है। मध्यान्ह की आराधना नाम-यश देती है। सायंकाल की आराधना सम्पन्नता प्रदान करती है। अस्ताचलगामी सूर्य अपनी दूसरी पत्नी प्रत्यूषा के साथ रहते हैं, जिनको अर्घ्य देना तुरंत प्रभावशाली होता है। जो लोग अस्ताचलगामी सूर्य की उपासना करते हैं, उन्हें प्रातःकाल की उपासना भी जरूर करनी चाहिए।