‘झारखंड हाईकोर्ट के फैसला गलत’: शीर्ष अदालत ने कहा- नजरबंदी कानून कठोर, व्यक्तिगत स्वतंत्रता को कम करता है

शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

नई दिल्ली 16 जुलाई 2023। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी नजरबंदी कानून आवश्यक रूप से कठोर हैं। ये कानून व्यक्तिगत स्वतंत्रता को कम करते हैं, क्योंकि इसमें किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के ही सलाखों के पीछे रखा जाता है। इसलिए ऐसे मामलों में प्रक्रिया का सख्ती के साथ पालन किया जाना चाहिए। शीर्ष कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए एक व्यक्ति को रिहा करने का आदेश दिया। उक्त व्यक्ति की हिरासत को अधिकारियों ने उसका पक्ष सुने बिना दो बार बढ़ा दिया था। जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस सुधांशु धुलिया की पीठ ने इसके साथ ही झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया, जिसने प्रकाशचंद्र यादव उर्फ मुंगेरी यादव की हिरासत को बरकरार रखा था। उसे झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2002 के तहत असामाजिक तत्व घोषित किया गया था। पीठ ने कहा कि अपीलकर्ता की हिरासत को तीन महीने से ज्यादा अवधि तक बढ़ाना अनधिकृत और गैरकानूनी है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने कहा, हिरासत की अवधि बढ़ाने वाले 7 नवंबर, 2022 और 7 फरवरी, 2023 के आदेश को रद्द किया जाता है। पीठ ने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ के 2 मार्च, 2023 और 2 नवंबर, 2022 के एकल जज के फैसले को भी रद्द किया जाता है।

कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं 
शीर्ष कोर्ट ने फैसले में कहा कि प्रकाशचंद्र के मामले में कानून की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। अदालत ने झारखंड के साहिबगंज जिले के राजमहल जेल में बंद प्रकाशचंद्र को रिहा करने का आदेश दिया। झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2002 असामाजिक तत्वों को निष्कासन और हिरासत में लेने का अधिकार देता है।

पंजाब-हरियाणा केे जस्टिस मनोज इलाहाबाद भेजे गए
केंद्र सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश कुमार सिंह को केरल हाईकोर्ट, पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज बजाज को इलाहाबाद हाईकोर्ट और जस्टिस गौरांग कंठ को दिल्ली से कलकत्ता हाईकोर्ट भेजने की अनुमति दे दी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ट्वीट कर बताया कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के तीन दिन बाद केंद्र सरकार ने तीन हाईकोर्ट जजों के तबादले की अधिसूचना जारी कर दी।

तीन जजों की सिफारिश
कॉलेजियम ने दो वकीलों रंजन शर्मा व बिपिन चंद्र नेगी और एक न्यायिक अधिकारी राकेश कैंथल को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में जज के तौर पर नियुक्त करने की सिफारिश की है। 

Leave a Reply

Next Post

दो साल बाद सामने आया चहल का दर्द; आरसीबी से बाहर होने पर बोले- उनके लिए आठ साल खेला, कुछ बताए बिना भगा दिया

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर नई दिल्ली 16 जुलाई 2023। आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन से पहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम ने अपने स्टार लेग स्पिनर युजवेन्द्र चहल को रिटेन नहीं करके सबको चौंका दिया था। आईपीएल इतिहास के सबसे सफल गेंदबाज चहल 2014 में टीम के साथ जुड़े थे […]

You May Like

'कुछ लोग निराशावादी ही हैं, भारत को नीचा दिखाना चाहते हैं', पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर बोला हमला....|....दिल्ली होटल अग्निकांड: 21 मौतों के मामले में होटल का रसोइया गिरफ्तार, मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज....|....ईद मनाने निकले लेकिन...:सहारा रेगिस्तान में फंस गया ट्रक, 49 लोगों की तड़प-तड़प कर मौत....|....महागठबंधन में दरार! झामुमो ने बदली रणनीति, अब राज्यसभा की दोनों सीटों पर उतारेगी अपने उम्मीदवार....|....इबोला को लेकर छत्तीसगढ़ अलर्ट: स्वास्थ्य मंत्री बोले- क्वारंटाइन किए गए लोगों में नहीं मिले संक्रमण के लक्षण....|....पंजाब में भीषण सड़क हादसा: ट्रॉला और पिकअप में जबरदस्त टक्कर, डेरा ब्यास जा रहे आठ श्रद्धालुओं की मौत....|....35 सेकंड में युवती का कत्ल: ऑफिस में युवक ने किए 30 वार, एकतरफा प्यार और हत्या में परिवार के दावे से नया मोड़....|....'कूटनीति से ही समाधान संभव': यूएन से सम्मानित मेजर अभिलाषा का शांति संदेश, लेबनान के पुनर्निर्माण की बताई जरूरत....|....राष्ट्रीय स्तर पर 3% गिरावट के बीच यूपी का शानदार प्रदर्शन, जीएसटी संग्रह में 13% बढ़ोतरी, देश में नंबर वन....|....सुरक्षा कटौती पर बिहार में रार: पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने आवास से सुरक्षाकर्मियों को लौटाया; अपमान का लगाया आरोप