24 सितंबर को छत्तीसगढ़ के एआईसीसी प्रभारी पीएल पुनिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम संवाददाताओं से करेंगे चर्चा – शैलेश नितिन त्रिवेदी

Chhattisgarh Reporter
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक में मोदी सरकार के किसान विरोधी रवैया के खिलाफ अखिल भारतीय स्तर पर व्यापक चरणबद्ध आंदोलन का फैसला

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

रायपुर 22 सितंबर 2020। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार एआईसीसी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम 24 सितंबर गुरुवार को दोपहर 1 बजे संवाददाताओं से  चर्चा करेंगे।

यह जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक में मोदी सरकार के किसान विरोधी रवैया के खिलाफ अखिल भारतीय स्तर पर आक्रामक चरणबद्ध आंदोलन का फैसला लिया गया है। 
देश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि संसद के अंदर संसदीय लोकतंत्र का गला घौंटा जा रहा है और सड़कों पर किसान को लाठियों से पीट कर प्रजातंत्र का गला घोटा जा रहा है।  खेत और खलिहानों में, सड़कों और बाजारों में, मजदूरों और किसान की आजीविका छीनी जा रही है और संसद के अंदर किसानों के लिये उठने वाली आवाज को दबाया जा रहा है। नरेन्द्र मोदी जी की सरकार बंदी सरकार बन गई है जिसने पहले नोटबंदी की, उसके बाद जीएसटी लाकर व्यापार बंदी की, उसके बाद लॉकडाउन लगाकर देशबंदी की और अब खेत और खलिहान बंदी करने की तैयारी है। देश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने  मोदी सरकार के किसान विरोधी आचरण के खिलाफ श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी के दिशा निर्देश पर एक व्यापक जन आंदोलन की तैयारी कर ली है और यह व्यापक जन आंदोलन चरणबद्ध स्वरूप में होगा।

यह फैसला 21 सितंबर को  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक में लिया गया है कि बैठक के  72 घंटे में कांग्रेस के नेता, महासचिव, इंचार्ज और दूसरे प्रमुख नेतागण प्रेस वार्ताओं के माध्यम से सभी राज्यों में मोदी सरकार की ढोल की पोल खोलेंगे। 

कांग्रेस पार्टी ने, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 73 सालों में व्यवस्था पैदा की थी, उस व्यवस्था के तीन अंग हैं – पहला है किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य, दूसरा है कृषि उपज खरीद प्रणाली और तीसरा है राशन की दुकान पर गरीब को राशन देना। 

मोदी सरकार ने इन  तीन काले कानूनों से केवल किसान और खेत मजदूर पर नहीं, इस देश के एससी-एसटी और ओबीसी वर्गों पर हमला बोला है, उनकी रोजी-रोटी पर हमला बोला है, देश के गरीब पर हमला बोला है, उनके पेट पर हमला बोला है, उनकी थाली पर हमला बोला है और कांग्रेस एक-एक कतरा खून का बहाकर, जिसने हमेशा देश के लिए कुर्बानी दी है, इस देश के 130 करोड़ लोगों के लिए संघर्ष करेगी।

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