हिंदी विश्वविद्यालय एवं महात्मा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, सेवाग्राम के बीच समझौता ज्ञापन

Chhattisgarh Reporter
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

वर्धा, 15 नवंबर 2022। गांधी-विनोबा की कर्मभूमि वर्धा में स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय (‘मगांअंहिवि’) और महात्मा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, सेवाग्राम (‘मगांआसंसे’) ने अकादमिक तथा चिकित्सा संबंधी सहयोग हेतु द्विपक्षीय अनुबंध-पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर इतिहास का एक नया अध्याय रच दिया। हिंदी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल की प्रमुख उपस्थिति में कुलसचिव क़ादर नवाज़ ख़ान और महात्मा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, सेवाग्राम के डीन डॉ. नितिन गंगने ने हस्ताक्षर किये।

समझौता ज्ञापन के तहत ‘मगांअंहिवि’ तथा ‘मगांआसंसे’ के मध्य अकादमिक, अनुसंधान, आधारभूत संरचना इत्यादि कार्यक्रम संचालित किये जा सकेंगे। समझौता ज्ञापन के अनुसार म.गां.अं. हिंदी विश्वविद्यालय के स्थायी कर्मियों को त्‍वरित कैशलेस स्वास्‍थ्‍य सेवाएं प्राप्त हो सकेंगी। हिंदी विश्वविद्यालय के स्थायी कर्मी व परिवार (‘इन पेशेंट’) के लिए महात्मा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, सेवाग्राम द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं (जिसमें स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, जांच और उपचार शामिल हैं) प्रदान की जा सकेंगी। ‘इन पेशेंट’ के उपचार पर किए गए सभी प्रकार खर्चें का भुगतान हिंदी विश्वविद्यालय द्वारा महात्मा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, सेवाग्राम को किया जा सकेगा।

विश्वविद्यालय में जीवन रक्षा संबंधी ‘शार्ट टर्म’ कार्यक्रम महात्मा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, सेवाग्राम द्वारा संचालित किया जा सकेगा ताकि जीवन रक्षा संबंधी जागरूकता का प्रसार हो सके। ‘मगांआसंसे’ के विदेशी विद्यार्थियों के लिए हिंदी विश्वविद्यालय द्वारा हिंदी भाषा शिक्षण के शॉर्ट टर्म कार्यक्रमों का संचालन किया जाएगा। इसमें इच्छुक विद्यार्थियों/चिकित्सकों के लिए विदेशी भाषाओं यथा : स्पैनिश, चाइनीज, फ्रेंच, जापानी आदि के आधार पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा सकेगा। कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि गांधी जी की तपोभूमि में महात्‍मा गांधी के नाम पर दो संस्थान हैं, इन दो संस्थानों के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर होने से स्वास्‍थ्‍य व अकादमिक उन्नयन की दृष्टि से सकारात्मक पहल सिद्ध हो सकेगा।

Leave a Reply

Next Post

खग की भाषा खग ही समझे अर्थात ठेकेदार के निर्माण करने के तरिके को एमबी बुक में इंजीनियर अच्छे से समझते हैं। इधर मुख्यमंत्री के निर्देश पर संभाग के कलेक्टरों ने गुणवत्ता व संधारण को लेकर सडको का निरिक्षण किए।

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर / मो.साजिद खान    सरगुजा संभाग – सडकें जो बन चुकी हैं या जो बन रही हैं। कार्य की गुणवत्ता दिए गए प्राक्लन के अनुसार कराई गई है या नही कराई गई हैं। आनसाइड पर जाकर किए गए कार्य की परतों (लेयर) की खुदाई कर मापी […]

You May Like

'कुछ लोग निराशावादी ही हैं, भारत को नीचा दिखाना चाहते हैं', पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर बोला हमला....|....दिल्ली होटल अग्निकांड: 21 मौतों के मामले में होटल का रसोइया गिरफ्तार, मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज....|....ईद मनाने निकले लेकिन...:सहारा रेगिस्तान में फंस गया ट्रक, 49 लोगों की तड़प-तड़प कर मौत....|....महागठबंधन में दरार! झामुमो ने बदली रणनीति, अब राज्यसभा की दोनों सीटों पर उतारेगी अपने उम्मीदवार....|....इबोला को लेकर छत्तीसगढ़ अलर्ट: स्वास्थ्य मंत्री बोले- क्वारंटाइन किए गए लोगों में नहीं मिले संक्रमण के लक्षण....|....पंजाब में भीषण सड़क हादसा: ट्रॉला और पिकअप में जबरदस्त टक्कर, डेरा ब्यास जा रहे आठ श्रद्धालुओं की मौत....|....35 सेकंड में युवती का कत्ल: ऑफिस में युवक ने किए 30 वार, एकतरफा प्यार और हत्या में परिवार के दावे से नया मोड़....|....'कूटनीति से ही समाधान संभव': यूएन से सम्मानित मेजर अभिलाषा का शांति संदेश, लेबनान के पुनर्निर्माण की बताई जरूरत....|....राष्ट्रीय स्तर पर 3% गिरावट के बीच यूपी का शानदार प्रदर्शन, जीएसटी संग्रह में 13% बढ़ोतरी, देश में नंबर वन....|....सुरक्षा कटौती पर बिहार में रार: पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने आवास से सुरक्षाकर्मियों को लौटाया; अपमान का लगाया आरोप