मानसून सत्र: अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल, मुख्यमंत्री योगी बोले- पर उपदेश कुशल बहुतेरे

Chhattisgarh Reporter
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

लखनऊ 20 सितंबर 2022। यूपी विधानमंडल सत्र के दूसरे दिन हंगामे के साथ कार्यवाही शुरू होने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष में सवाल-जवाब हुए। सदन के नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठाए जिसका जवाब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर सरकार के पास बजट नहीं है तो मुख्यमंत्री को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार सभी स्वास्थ्य सेवाओं को प्राइवेट कर देना चाहती है जिससे इलाज आम लोगों से दूर जो जाएगा। उन्होंने इस दौरान सपा सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किए गए कार्यों का ब्यौरा दिया। नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार कहती है कि स्टाफ नहीं है तो भर्ती करें। पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल में डॉक्टरों को उपलबध करवाएं। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ तो मुफ्त इलाज देने का वादा करती है दूसरी तरफ सभी तरह की जांच प्राइवेट हाथों में दे रही है। एमआरआई और सिटी स्कैन हर चीज का पैसा लिया जा रहा है। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि कहा जाता है कि दिल्ली वाले मदद नहीं करते हैं। दिल्ली वालों को समझाना चाहिए कि दिल्ली की सरकार यूपी से बनती है।

इसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि पर उपदेश कुशल बहुतेरे… दूसरों को उपदेश देना बहुत आसान है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से प्रदेश में चार बार सपा की सरकार रही है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में पिछले पांच साल में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पूर्वांचल में पहले इंसेफलाइटिस से हर साल सैकड़ों मौतें होती थीं पर अब साल दर साल मौतों में कमी होते-होते इस बार एक भी मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं की जितनी बदहाली तथाकथित समाजवादियों ने की उतनी किसी ने नहीं की। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जो बेहतर से बेहतर हो सकता है वो करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्घ है।मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विकास किया जा रहा है। डबल इंजन की सरकार में अब तक कोरोना वैक्सीन की 38 करोड़ डोज दी जा चुकी है। लोकतंत्र में प्रतिपक्ष की भी बड़ी भूमिका है। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष को ऐसे बयान नहीं देना चाहिए जो कि तथ्यगत न हो। इसके पहले सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही सपा विधायकों ने नारेबाजी करना शुरू कर दिया। हालांकि, हंगामे के कुछ देर बाद कार्यवाही शुरू हो गई।

विशेषाधिकार हनन का सामूहिक नोटिस देगी सपा
समाजवादी पार्टी आज विशेषाधिकार हनन का सामूहिक नोटिस सदन में देगी। कल विधानसभा की कार्रवाई में शामिल होने जा रहे सपा कार्यालय से विधानसभा तक विधायकों के पैदल मार्च को पुलिस ने रोक दिया था। जिस पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित सभी विधायक व कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए थे। सपा विधायक राकेश सिंह ने कहा कि विधायक सदन में भाग लेने गाड़ी से जाएगा, पैदल जाएगा या साइकिल से जाएगा ये वो खुद तय करेगा। सरकार के इशारे पर सदन में जाने से विधायकों को रोकना अनैतिक व असंवैधानिक है। हमें विशेषाधिकार प्राप्त है इसलिए हम विशेषाधिकार नोटिस के माध्यम से सदन में इस मामले को उठाएंगे।

Leave a Reply

Next Post

कालेधन के इस्तेमाल पर शिकंजा...राजनीतिक चंदे की सीमा 20 हजार से घटाकर 2000 करने का प्रस्ताव

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर नई दिल्ली 20 सितंबर 2022। चुनावी फंडिंग में काले धन के प्रयोग पर रोकथाम लगाने की कवायद के तहत चुनाव आयोग ने सोमवार को अज्ञात स्रोत से मिले राजनीतिक चंदे की सीमा को 20,000 रुपये से घटाकर 2,000 रुपये और नकद दान को 20 प्रतिशत या […]

You May Like

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय....|....विधानसभा में अफीम की खेती मुद्दे पर हो रहा हंगामा....|....सऊदी की ईरान को खुली चेतावनी- हमले जारी रहे तो होगा “सबसे बड़ा नुकसान”....|....'बिना किसी भेदभाव के सभी को न्याय मिलेगा...' जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं जनसमस्याएं; दिए ये निर्देश....|....मुख्यमंत्री साय ने महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त की जारी, 641 करोड़ रुपये अंतरित....|....छत्तीसगढ़ में बालोद कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, जयस्तंभ चौक सील; पुलिस बल तैनात....|....शक्ति की समृद्धि: आर्थिक आत्मनिर्भरता देगी नारी शक्ति को नई उड़ान, घर से बदलाव की शुरुआत....|....हिंदू युवतियों का धर्मांतरण: संदिग्ध आतंकी से पूछताछ, ये हैं वो सवाल, जिनके अयान जावेद ने नहीं दिए जवाब....|....अमरोहा: मटर प्लांट में अमोनिया गैस का रिसाव, छह महिलाओं कर्मियों की हालत बिगड़ी, अन्य में मची भगदड़....|....कोच के तौर पर भी चैंपियन गंभीर: दो आईसीसी ट्रॉफी दिलाने वाले पहले भारतीय कोच बने गौतम, आलोचकों को दिया जवाब