
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
देहरादून 10 मई 2022। चारधाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। अब तक यात्रा के लिए साढ़े नौ लाख से अधिक यात्री पंजीकरण करा चुके हैं। इसमें केदारनाथ धाम के लिए पंजीकरण का आंकड़ा 3.35 लाख से अधिक पहुंच गया है। इस बार चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के लिए अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक तीर्थ यात्री पंजीकरण कर चुके हैं। धामों में भक्तों की दोगुनी भीड़ उमड़ रही है।
चारधामों में निर्धारित क्षमता से दो से तीन गुणा अधिक यात्री दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। जिससे ठहरने के इंतजाम भी कम पड़ रहे हैं। कई यात्री बिना पंजीकरण और ठहरने की व्यवस्था किए ही धामों में जा रहे हैं। नौ मई तक केदारनाथ धाम के लिए सबसे ज्यादा 335886 यात्रियों ने पंजीकरण कराया है।
भीड़ बढ़ी तो रोके जा सकते हैं बिना पंजीकरण वाले यात्री : डीजीपी
वहीं, भीड़ ज्यादा बढ़ने पर बिना पंजीकरण वाले श्रद्धालुओं को पुलिस रोक भी सकती है। ऐसा वहां पर भीड़ नियंत्रण में आ रही समस्याओं को देखते हुए निर्णय लिया गया है। यह समस्या ज्यादातर केदारनाथ धाम में हो रही है। उपरोक्त बातें डीजीपी अशोक कुमार ने कहीं। उन्होंने यहां आने वाले श्रद्धालुओं से अपील भी की कि वह पंजीकरण कराने के बाद ही दर्शनों के लिए आएं। सभी धामों में पंजीकृत और अपंजीकृत दोनों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। चारों धामों में अभी पंजीकरण चेकिंग की व्यवस्था नहीं है। सरकार ने भी ऐसे कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं।
भीड़ नियंत्रण में पुलिस को परेशानी, केदारनाथ में समस्या
ऐसे में पुलिस को बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में भीड़ नियंत्रण में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीजीपी का कहना है कि ज्यादा समस्या केदारनाथ धाम में हो रही है। यदि केवल पंजीकरण कराकर आने वाले श्रद्धालुओं को ही आने दिया जाए तो भीड़ नियंत्रण आसान हो जाएगा।
डीजीपी ने बताया कि यदि भीड़ अत्यधिक बढ़ती है, तो पुलिस अपंजीकृत श्रद्धालुओं को केदारनाथ धाम से पहले रोक भी सकती है। ऐसे निर्देश रुद्रप्रयाग पुलिस को दिए गए हैं। एक निश्चित जगह पर बैरियर लगाकर ऐसे श्रद्धालुओं को रोकने की व्यवस्था की जाएगी। बताया कि सभी धामों के आसपास पुलिस के सारे इंतजाम हैं। एसडीआरएफ को भी यात्रा रूट पर 32 जगहों पर तैनात किया गया है। रास्तों में पुलिस के जवान लोगों की मदद कर रहे हैं। पिछले दिनों कुछ लापरवाही के मामले सामने आए थे। ऐसे में पुलिस अफसरों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। एक सिपाही को निलंबित भी कर दिया गया था।