विनोद राय की किताब में दावा, विराट ने कहा था, कुंबले से ‘डरे हुए’ रहते थे युवा खिलाड़ी

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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

नई दिल्ली 05 अप्रैल 2022। पूर्व भारतीय कोच अनिल कुंबले और कप्तान विराट कोहली के रिश्तों में खटास अक्सर चर्चा में रही है। दोनों स्टार खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट के लिए एक साथ काम किया था लेकिन कई विवादों के बीच यह जोड़ी जल्दी ही टूट गई। अब उनसे जुड़े एक और विवाद को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। दोनों के बीच के टकराव और विवाद पर पूर्व आईएएस अधिकारी और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की प्रशासकों की समिति (सीओए) के प्रमुख रहे विनोद राय की किताब में कई बातें सामने आई हैं। 

आईपीएल में फिक्सिंग विवाद के बाद भारतीय क्रिकेट काफी मुश्किल से गुजर रहा था। ऐसे वक्त में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय को भारतीय क्रिकेट को संभालने की जिम्मेदारी दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की प्रशासकों की समिति (सीओए) का गठन किया था जिसकी कमान विनोद राय को दी गई थी। इसी दौरान भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा विवाद भी चल रहा था। उस वक्त के कप्तान विराट कोहली और कोच अनिल कुंबले के बीच रिश्तों में मतभेद की खबरें भी बहुत सामने आई थीं। 

अपनी किताब, ‘नॉट जस्ट ए नाइटवॉचमैन- माय इनिंग्स इन द बीसीसीआई’ में पूर्व आईएस अधिकारी ने भारतीय क्रिकेट के इस विवाद पर खुलकर लिखा है। साल 2017 में राय को क्रिकेट ऑफ एडमिनिनस्ट्रेटर (सीओए) बनाया गया था। इसी कमिटी ने तीन साल तक भारतीय क्रिकेट को चलाया था।  राय की किताब के हवाले से दावा किया गया है कि कोहली और कुंबले विवाद पर राय ने दावा किया कि कप्तान और कोच का रिश्ता किसी भी लिहाज से स्वस्थ नहीं कहा जा सकता। राय ने अपनी किताब में लिखा, “कप्तान और टीम प्रबंधन के साथ मेरी बातचीत में मुझे यह पता चला कि कुंबले बहुत ज्यादा अनुशासक थे और इसी वजह से टीम सदस्य उनसे बहुत ज्यादा खुश नहीं थे। मैंने विराट कोहली से इस बारे में बात की थी और उन्होंने यह भी जिक्र किया था कि जिस तरह से कुंबले टीम के युवा सदस्यों के साथ काम करते थे उससे वे काफी डरे हुए रहते थे। राय ने कहा कि दूसरी ओर कुंबले ने COA को बताया था कि वह टीम की भलाई के लिए ही काम करते हैं। और मुख्य कोच के तौर पर उनके रिकॉर्ड को ज्यादा महत्ता दी जानी चाहिए न कि खिलाड़ियों की कथित शिकायतों पर गौर करना चाहिए।

राय ने लिखा, ‘जब वह यूके से लौटकर आए तो हमने अनिल कुंबले से लंबी बातचीत की। जिस तरह से पूरी घटना सामने आई उससे वह जाहिर तौर पर काफी निराश थे। उन्हें लगता था कि उनके साथ गलत व्यवहार किया गया और एक कप्तान और टीम को इतनी महत्ता नहीं दी जानी चाहिए। कोच का यह कर्त्तव्य है कि टीम में अनुशासन लेकर आए और एक सीनियर होने के नाते खिलाड़ियों को उनकी राय का सम्मान करना चाहिए।’

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