
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
देहरादून 08 फरवरी 2022। पंजाब में वर्तमान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम चेहरा घोषित कर कांग्रेस ने उत्तराखंड में भी सुगबुगाहट बढ़ा दी है। इस मामले में खुलकर तो कोई कुछ नहीं कह रहा है, लेकिन अंदरखाने कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर चर्चा है कि जब पंजाब में सीएम का चेहरा घोषित किया जा सकता है तो फिर उत्तराखंड में क्यों नहीं? दूसरी तरफ पार्टी ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड में सामूहिक नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा।
कांग्रेस पार्टी में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कई मौकों पर खुद को सीएम चेहरे के तौर पर पेश कर चुके हैं। हालांकि उनके एक ट्वीट के बाद उठे बवाल के बाद उन्होंने खुद स्पष्ट किया कि उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा, लेकिन वह सीएम फेस नहीं हैं। पंजाब में वर्तमान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम चेहरा घोषित किए जाने को उन्होंने एतिहासिक कदम बताया। लेकिन, उत्तराखंड के परिपेक्ष्य में फिर वही बात दोहराई कि सत्ता में आने पर विधायक दल अपना नेता चुनकर नाम हाईकमान को भेजेंगे। मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इस पर अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान की ओर से ही लिया जाएगा। इधर, धड़ों में बंटी पार्टी कार्यकर्ताओं की राय भी इस मुद्दे पर अलग-अलग है। एक धड़ा चाहता है कि चुनाव से पहले ही सीएम चेहरा घोषित कर दिया जाए, जबकि दूसरा धड़ा इसके बिल्कुल खिलाफ है। इस बात में कोई दोराय नहीं है कि हरीश रावत पार्टी का बड़ा चेहरा हैं। लेकिन पार्टी प्रीतम खेमे को भी नाराज नहीं करना चाहती है।
सामूहिक नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा चुनाव
कांग्रेस ऐसा कदम नहीं उठाना चाहती, जिससे पार्टी का कोई धड़ा असहज हो। वैसे इस दौड़ में हरीश-प्रीतम के अलावा भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी बताए जाते हैं। लेकिन यह तो चुनाव बाद ही तय हो पाएगा कि उस वक्त क्या समीकरण बैठते हैं। फिलहाल पार्टी का रुख इस मामले में स्पष्ट है कि चुनाव सामूहिक नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।