किसान आंदोलन से सड़क जाम पर NHRC सख्त, 9000 कंपनियों को नुकसान, दिल्ली-यूपी, हरियाणा और राजस्थान को भेजा नोटिस

Chhattisgarh Reporter
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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर  

नई दिल्ली 14 सितम्बर 2021। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य ऑथोरिटीज को नोटिस जारी कर किसान आंदोलन पर रिपोर्ट मांगी है। एनएचआरसी ने कहा कि उसे किसान आंदोलन को लेकर कई शिकायतें मिली हैं। दरअसल, भारतीय राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को किसान आंदलोन के खिलाफ कई शिकायतें मिली हैं। मानवाधिकार आयोग को मिली इन शिकायतों के अनुसार, किसान आंदलोन से 9000 से अधिक छोटी-बड़ी और मंझोली कंपनियों को नुकसान पहुंचा है। कथित तौर पर इन औद्योगिक इकाइयों के अलावा यातायात पर भी प्रभाव है, जिससे यात्रियों, मरीजों, शारीरिक रूप से विकलांग लोगों और वरिष्ठ नागरिकों को सड़कों पर होने वाली भारी भीड़ के कारण नुकसान उठाना पड़ता है। बयान में कहा गया है कि ऐसी खबरें भी हैं कि किसानों के आंदोलन के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और सीमाओं पर बैरिकेड्स लगा दिए जाते हैं।

आयोग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी किए हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान के पुलिस महानिदेशकों और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर उनसे संबंधित कार्रवाई की रिपोर्ट देने को कहा है। यह भी आरोप है कि किसानों द्वारा धरनास्थल पर कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया जा रहा है और रास्तों की नाकेबंदी के कारण वहां रहने वाले स्थानीय लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चूंकि आंदोलन में मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं, इसलिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के अधिकार का भी ख्याल रखा जा रहा है। आयोग को अलग-अलग मानवाधिकार मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

इसके साथ ही आर्थिक विकास संस्थान (Institute of Economic Growth, IEG) को औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों/उत्पादन पर किसानों के आंदोलन से होने वाली परेशानी का आंकलन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है. साथ ही आंदोलन स्थल के आस-पास स्थित औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले लोगों को हो रही असुविधा और उनके अतिरिक्त खर्च पर भी रिपोर्ट तैयार करने का निवेदन किया गया है. इसके अलावा आईईजी को गाड़ियों की आवाजाही को लेकर हो रही परेशानी की जांच कर 10 अक्टूबर, 2021 तक इस मामले में एक व्यापक रिपोर्ट देने को कहा गया है.

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