आसान नहीं था तालिबान के चंगुल से भारतीयों को निकालना, काम आई मोदी सरकार की फॉरेन पॉलिसी

Chhattisgarh Reporter
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर  

नई दिल्ली 30 अगस्त 2021। भारत ने 15 अगस्त को काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद अपने दूतावास में राजनयिक, कर्मियों और अन्य भारतीयों नागरिकों के साथ-साथ अफगानों को निकालने के लिए शानदार प्रयास किए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में दूतावास से हवाई अड्डे कि लिए भारतीय काफिले के लिए सुरक्षित मार्ग के लिए बातचीत के महत्वपूर्ण थे। भारत ने इसके लिए जिनसे संपर्क साधा, उनमें अमेरिकियों के अलावा दो हाई-प्रोफाइल अफगान राजनेता थे जो वर्तमान में तालिबान के साथ सत्ता-साझाकरण वार्ता में भी शामिल हैं। भारत ने अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई और पूर्व उपाध्यक्ष अब्दुल्ला अब्दुल्ला से संपर्क साथा। अब्दुल्ला अशरफ गनी की सरकार में राष्ट्रीय सुलह के लिए उच्च परिषद के अध्यक्ष भी थे। भारतीय राजदूत रुद्रेंद्र टंडन सहित पूरे भारतीय दूतावास को खाली करने का निर्णय गनी सरकार के पतन के तुरंत बाद लिया गया था। काबुल के ग्रीन ज़ोन में रहने वाले सुरक्षा कर्मियों के अपने पोस्टों को छोड़ने के बाद भारत ने यह फैसला किया।

काबुल में हर जगह तालिबान की चौकियां
तालिबान के सशस्त्र लड़ाकों ने अफगानिस्तान की राजधानी में अपनी-अपनी चौकियां बना ली थीं। काबुल में तालिबान के अलावा, पाकिस्तान स्थित हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठन शामिल हैं और जो भारत के खिलाफ विशेष दुश्मनी रखते हैं- के मौजूद होने की सूचना मिली थी। इन्होंने पूरे शहर में अपनी-अपनी चौकियां बना ली थी। इन चौकियों से हवाई अड्डे तक गाड़ी चलाना जोखिम भरा था।

एयर इंडिया के विमान की नहीं हो पाई थी लैंडिंग
16 अगस्त को, दिल्ली से एयर इंडिया की एक उड़ान ने काबुल के लिए उड़ान भरी। हालांकि लैंडिंग में असमर्थ रही। इसके बाद भारत ने हवाई अड्डे के सैन्य पक्ष के माध्यम से दूतावास के अपने नागरिकों सहित अन्य को निकालने के लिए IAF का एक C17 ग्लोबमास्टर विमान भेजा। आपको बता दें कि काबुल एयरपोर्ट अमेरिकी सेना के कंट्रोल में था। विमान भले ही एयरपोर्ट पर लैंड कर गई, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती भारतीयों को सुरक्षित हवाई अड्डे तक पहुंचाने की थी। तालिबान या उससे जुड़े आतंकी सगठन इसमें बाधा नहीं डालें, यह सुनिश्चित करना जरूरी हो गया था। आपको बता दें कि अमेरिका 12 अगस्त से अपने दूतावास को खाली करने के लिए ब्लैक हॉक हेलीकाप्टरों का उपयोग कर रहा था। कुछ यूरोपीय राजनयिक मिशनों की भी सैन्य विमानों तक पहुंच थी, लेकिन भारतीय मिशन के पास अपने हवाई संसाधन नहीं थे।

भारत को तीसरे पक्ष के वार्ताकारों पर रहना पड़ा निर्भर
तालिबान के साथ संचार की कोई लाइन नहीं होने के कारण, भारत को संपर्क स्थापित करने के लिए तीसरे पक्ष के वार्ताकारों पर निर्भर रहना पड़ा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमने उन सभी लोगों से संपर्क किया, जिनका तालिबान के साथ कोई चैनल था।” विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकन से बात की। दोनों पक्षों के अधिकारी हवाई अड्डे पर लगातार संपर्क में थे। इसके बाद भारत ने काबुल में कुछ पुराने दोस्तों से बात करने की कोशिश की। उनमें हामिद करजई और अब्दुल्ला भी शामिल थे।

भारत ने रूस से भी साधा संपर्क
रूस तालिबान को एक आतंकवादी समूह मानता है। हालांकि तालिबान के कब्जे के बाद भी काबुल में अपने राजनयिक मिशन खुले रखे हैं। रूस ने वार्ता के लिए मास्को में मुल्ला बरादर सहित तालिबान प्रतिनिधियों की मेजबानी की है। तालिबान को अमेरिका के बाद अफगानिस्तान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित भी किया था।

Leave a Reply

Next Post

करनाल कांड पर बवाल: पंजाब में लाठीचार्ज के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, हाईवे ब्लॉक, पुतला फूंका

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर   चंडीगढ़ 30 अगस्त 2021। हजारों किसानों ने रविवार को फिर से पंजाब की सड़कों पर उतरकर सभी जरूरी राज्यों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर दो घंटे के लिए ट्रैफिक रोक दिया। उन्होंने कहा कि वे एक दिन पहले करनाल में साथी आंदोलनकारियों पर क्रूर लाठीचार्ज का विरोध […]

You May Like

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय....|....विधानसभा में अफीम की खेती मुद्दे पर हो रहा हंगामा....|....सऊदी की ईरान को खुली चेतावनी- हमले जारी रहे तो होगा “सबसे बड़ा नुकसान”....|....'बिना किसी भेदभाव के सभी को न्याय मिलेगा...' जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं जनसमस्याएं; दिए ये निर्देश....|....मुख्यमंत्री साय ने महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त की जारी, 641 करोड़ रुपये अंतरित....|....छत्तीसगढ़ में बालोद कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, जयस्तंभ चौक सील; पुलिस बल तैनात....|....शक्ति की समृद्धि: आर्थिक आत्मनिर्भरता देगी नारी शक्ति को नई उड़ान, घर से बदलाव की शुरुआत....|....हिंदू युवतियों का धर्मांतरण: संदिग्ध आतंकी से पूछताछ, ये हैं वो सवाल, जिनके अयान जावेद ने नहीं दिए जवाब....|....अमरोहा: मटर प्लांट में अमोनिया गैस का रिसाव, छह महिलाओं कर्मियों की हालत बिगड़ी, अन्य में मची भगदड़....|....कोच के तौर पर भी चैंपियन गंभीर: दो आईसीसी ट्रॉफी दिलाने वाले पहले भारतीय कोच बने गौतम, आलोचकों को दिया जवाब