
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
चंडीगढ़ 30 अगस्त 2021। हजारों किसानों ने रविवार को फिर से पंजाब की सड़कों पर उतरकर सभी जरूरी राज्यों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर दो घंटे के लिए ट्रैफिक रोक दिया। उन्होंने कहा कि वे एक दिन पहले करनाल में साथी आंदोलनकारियों पर क्रूर लाठीचार्ज का विरोध में ऐसा कर रहे हैं।रविवार को दूसरे दिन भी पंजाब के विभिन्न गांवों में दोपहर से दो बजे तक चक्का जाम जारी रहा, इस दौरान किसानों ने हरियाणा सरकार का पुतला फूंका। लुधियाना में एमबीडी मॉल, जालंधर बाईपास, जगराओं और कुछ अन्य जगहों के पास विरोध प्रदर्शन किया गया, इस दौरान रविवार को 2 घंटे के लिए हाईवे जाम कर दिया गया। शनिवार को हरियाणा पुलिस ने करनाल में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर कथित रूप से लाठीचार्ज किया था। किसानों ने यहां कई सड़कों और राजमार्गों को रोक रखा था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में आगामी नगरपालिका चुनावों को लेकर किसान भाजपा की बैठक का विरोध कर रहे थे। करनाल में राष्ट्रीय राजमार्ग को साफ करने और उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा लाठीचार्ज से कई किसान घायल हो गए।
‘किसानों को एकजुट होने की जरूरत’
बीकेयू-दकौंडा के एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनजीत सिंह धनेर ने कहा, “हरियाणा सरकार ने हमारे खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया, जिससे कई किसान लाठीचार्ज के दौरान घायल हो गए। एसडीएम करनाल के आदेश का राजनेताओं ने समर्थन किया है। इसलिए, हमें अपने किसान भाइयों के लिए अपनी लड़ाई में एकजुट रहने की जरूरत है। यही कारण है कि हमने रविवार को पूरे राज्य में चक्का जाम हड़ताल का आह्वान किया था। हमें खुद को सुनने की जरूरत है और प्रशासन को एक जोरदार और स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि हम किसान एकजुट हैं।”
वायरल हुआ था एसडीएम का वीडियो
इधर, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, करनाल उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) आयुष सिन्हा शनिवार को पुलिसकर्मियों से हरियाणा के सीएम और राज्य के भाजपा नेताओं के विरोध में एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों का ‘सिर तोड़ने’ के लिए कह रहे थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद से भी खूब हंगामा मचा हुआ है।


