बर्खास्त सिपाही लक्ष्मण गाईन पर चार्जशीट, 45 बेनामी खातों का खुलासा

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
बिलासपुर, 24 अक्टूबर 2026। बिलासपुर विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) बिलासपुर की अदालत में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) और राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की संयुक्त टीम ने जीआरपी थाना बिलासपुर के बर्खास्त आरक्षक तथा बहुचर्चित गांजा तस्करी रैकेट के सरगना लक्ष्मण गाईन के खिलाफ अभियोग पत्र पेश कर दिया है। जांच एजेंसी ने आरोपी के पास उसकी वैध आय से करीब 1,03,33,033.50 रुपये अधिक मूल्य की अवैध संपत्ति मिलने का बड़ा खुलासा किया है।
इस मामले में एसीबी बिलासपुर ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया था। आरोपी के पास उसकी वैध आय की तुलना में करोड़ों रुपये की अधिक संपत्ति का खुलासा होने के बाद यह बड़ी वैधानिक कार्रवाई की गई है।
आय और व्यय की पड़ताल में हुआ खुलासा
एसीबी की टीम ने 1 दिसंबर, 2024 को बिलासपुर स्थित आरोपी लक्ष्मण गाईन के निवास और अन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान जांच टीम द्वारा जुटाई गई आय और व्यय की विस्तृत जानकारी के मुताबिक आरोपी लक्ष्मण गाईन की कुल वैध आय लगभग 86,76,270 रुपये पाई गई थी। इसके विपरीत गहन जांच-पड़ताल में उसका कुल व्यय 1,90,09,303.50 रुपये दर्ज किया गया। इस प्रकार आरोपी की आय से करीब 1,03,33,033.50 रुपये अधिक खर्च अथवा अवैध संपत्ति का प्रमाणित आंकड़ा सामने आया है। जांच एजेंसी को आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद ही न्यायालय में यह चार्जशीट दाखिल की गई है।
ट्रेनों में तस्करों को पकड़कर वसूली का खेल
जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि जीआरपी थाना बिलासपुर में पदस्थ रहने के दौरान लक्ष्मण गाईन अपने अन्य आरक्षक साथियों के साथ मिलकर ट्रेनों से गांजा तस्करों को पकड़ने की कार्रवाई करता था। हालांकि, तस्करों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई करने के बजाय, वह जब्त किया गया गांजा अपने पास रख लेता था और फिर मोटी रकम वसूलकर उन्हें छोड़ देता था। शुरुआती दौर में छोटे पैमाने पर शुरू हुआ यह खेल बाद में बहुत बड़े अवैध रैकेट में बदल गया। वर्ष 2018 में भी आरोपी को ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह करीब डेढ़ साल तक जेल में रहा था। हालांकि, जेल से छूटने के बाद वह फिर से इसी अवैध धंधे में पूरी तरह संलिप्त हो गया था। वर्तमान में आरोपी इसी मामले में बिलासपुर जेल में बंद है।
आलीशान मकान, हार्ले डेविडसन बाइक और कारें
महज 40,000 रुपये मासिक वेतन पाने वाले इस बर्खास्त सिपाही के शौक और संपत्तियां बेहद चौंकाने वाली पाई गईं। जांच में सामने आया कि आरोपी ने गांजा तस्करी के काले कारोबार से पिछले कुछ वर्षों में अकूत संपत्ति अर्जित की थी। बिलासपुर के कंचन विहार में उसका आलीशान मकान बना हुआ है। इसके अलावा, आरोपी के पास दुनिया की सबसे महंगी मोटरसाइकिलों में शामिल हार्ले डेविडसन बाइक, हुंडई वरना, मारुति स्विफ्ट और टाटा हैरियर जैसी लग्जरी कारें तथा कई भूखंड मिले हैं। खुफिया विभाग की जांच में यह भी पता चला कि आरोपी और उसके गिरोह के साथियों के पास करीब 45 बेनामी बैंक खाते थे, जिन्हें रिश्तेदारों के नाम पर संचालित किया जा रहा था। इन बैंक खातों में गांजा पैडलरों द्वारा भेजे गए लगभग 15 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का भी पर्दाफाश हुआ है।


