बोले- जवानों के बलिदान से गौरवान्वित है देश-प्रदेश

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
भोपाल, 21 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश में पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। बुधवार को भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर प्रदेश के उन नौ पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को नमन किया, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जवानों का बलिदान देश और प्रदेश को हमेशा गौरवान्वित करता रहेगा। समारोह में पुलिस बल की विभिन्न टुकड़ियों ने परेड की और मुख्यमंत्री को सलामी दी। पुलिस बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों के बीच शहीदों को याद किया गया। कार्यक्रम में जिला पुलिस बल, विशेष सशस्त्र बल, होमगार्ड, पुलिस बैंड और अश्वारोही दल सहित विभिन्न टुकड़ियों ने हिस्सा लिया।
35 साल से नक्सलवाद की चुनौती का किया सामना
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती से जूझता रहा है। करीब 35 वर्षों तक प्रदेश ने इसका सामना किया। पुलिस जवानों के साहस, शौर्य और समर्पण ने इस लड़ाई में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में प्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
साइबर अपराध और ड्रग तस्करी पर रहेगी नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका बेहद अहम है। आज साइबर अपराध और ड्रग तस्करी जैसी चुनौतियां सामने हैं। पुलिसकर्मी इनसे निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने पुलिसकर्मियों की दक्षता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने अपनी सेवाओं से प्रदेश की साख मजबूत की है।
शहीदों के परिवारों को आर्थिक सहायता का जिक्र
मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता का उल्लेख करते हुए बताया कि सहायता राशि का 50 प्रतिशत शहीद की पत्नी और शेष 50 प्रतिशत उनके माता-पिता को देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने पुलिसकर्मियों की पदोन्नति और नई भर्तियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी जताई।
डीजीपी बोले- शहीद परिवारों की देखभाल हमारी जिम्मेदारी
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस सेवा महज नौकरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, समर्पण और त्याग का संकल्प है। इस वर्ष प्रदेश के नौ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने कर्तव्य निभाते हुए प्राणों का बलिदान दिया है। उन्होंने शहीद परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि ये परिवार पुलिस विभाग का हिस्सा हैं और उनकी देखभाल करना विभाग की नैतिक जिम्मेदारी है। मकवाणा ने मध्यप्रदेश पुलिस के गौरवशाली इतिहास और देश के विभिन्न हिस्सों में अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवाओं का भी उल्लेख किया।


