10 अगस्त को होगी झीरम घाटी हमले पर अंतिम बहस

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11 आरोपियों पर ट्रायल, 1 की मौत, 101 गवाहों के बयान, फैसला सुरक्षित रखेगी कोर्ट

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

जगदलपुर, 07 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के बस्तर में हुए झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले की सुनवाई अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। 11 आरोपियों के खिलाफ चल रहे ट्रायल में अभियोजन पक्ष अपने दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत कर चुका है। अब 10 अगस्त को अंतिम बहस होगी, जिसके बाद विशेष NIA अदालत फैसला सुरक्षित रख सकती है। मामले में एक आरोपी की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि शेष 10 आरोपियों पर सुनवाई जारी है।

झीरम घाटी हमले के इस मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए हैं। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य भी पेश किए गए हैं। लंबे समय से चल रही इस सुनवाई में अब दोनों पक्ष अंतिम बहस की तैयारी में जुटे हैं। अभियोजन का प्रयास रहेगा कि पेश साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आरोप सिद्ध किए जाएं, जबकि बचाव पक्ष अपनी दलीलों के जरिए आरोपों को चुनौती देगा।

101 गवाहों के बयान बने अहम आधार

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 101 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए। इन गवाहों के साथ दस्तावेजी साक्ष्यों को भी रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया गया। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अंतिम बहस होगी और अदालत पूरे मामले का परीक्षण करेगी।

10 अगस्त को होगी अंतिम बहस

विशेष NIA अदालत ने मामले में 10 अगस्त की तारीख अंतिम बहस के लिए तय की है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रखेंगे। बहस पूरी होने के बाद अदालत फैसला सुरक्षित रख सकती है और बाद में निर्णय की तारीख घोषित की जाएगी।

एक आरोपी की ट्रायल के दौरान हुई मौत

मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चल रहा था। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मृत्यु हो गई। इसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई समाप्त हो गई, जबकि बाकी 10 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल जारी है।

क्या था झीरम घाटी हमला

25 मई 2013 को बस्तर के झीरम घाटी क्षेत्र में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर नक्सलियों ने हमला किया था। इस हमले में महेंद्र कर्मा समेत प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद जांच और न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई, जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

सालों से फैसले का इंतजार

झीरम घाटी हमला छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित मामलों में से एक है। सालों से पीड़ित परिवारों और पूरे प्रदेश की नजर इस मामले के फैसले पर बनी हुई है। अंतिम बहस के बाद अदालत का निर्णय आने से इस बहुचर्चित मामले में न्यायिक प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचेगी।

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