एक दिन पहले मोबाइल पर मिलेगा ड्यूटी चार्ट

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
गुना, 29 सितंबर 2026। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी व्यवस्था और कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए गुना पुलिस तकनीक आधारित सिस्टम की ओर बढ़ रही है। ग्वालियर रेंज के डीआईजी डॉ. असित यादव ने मंगलवार को पुलिस विभाग के लिए तैयार किए जा रहे एक ऐप का लोकार्पण किया। AI आधारित इस सिस्टम के जरिए पुलिस बल की आवश्यकता के अनुसार ड्यूटी तय करने से लेकर संबंधित कर्मचारी की उपस्थिति तक की निगरानी की जा सकेगी।
डीआईजी डॉ. असित यादव दो दिवसीय गुना दौरे पर हैं। दौरे के पहले दिन सोमवार रात उन्होंने कैंट थाना पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाने की व्यवस्थाओं, पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली और अपराधों के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्टाफ से हाल के दिनों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और विभिन्न मामलों में पुलिस की कार्रवाई के संबंध में भी चर्चा की।
मंगलवार सुबह डीआईजी परेड ग्राउंड पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस परेड का निरीक्षण किया। इसके बाद पुलिस जिम और मेस की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों की सुविधाओं और विभागीय संसाधनों से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। इसके बाद वे सैनिक सम्मेलन में शामिल हुए। यहां एसपी हितिका वासल और एएसपी प्रशांत सिंह सुमन ने उनका स्वागत किया।
सम्मेलन के दौरान डीआईजी ने पुलिस व्यवस्था के लिए विकसित किए जा रहे ऐप का लोकार्पण किया। IIT के छात्र निखिल ने अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को ऐप की कार्यप्रणाली समझाई। बताया गया कि सिस्टम में अलग-अलग स्थानों और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक पुलिस बल का डाटा पहले से दर्ज किया जा सकेगा। इसके आधार पर किस स्थान पर कितने पुलिसकर्मियों की आवश्यकता है और किस रैंक के कर्मचारियों की तैनाती की जानी है, यह प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी। ऐप की मदद से पुलिसकर्मियों को उनकी ड्यूटी का चार्ट एक दिन पहले ही मोबाइल पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे कर्मचारियों को पहले से पता रहेगा कि अगले दिन उन्हें किस स्थान पर और किस जिम्मेदारी के लिए तैनात किया गया है। साथ ही ड्यूटी स्थल पर कर्मचारी की पहुंच की जानकारी भी सिस्टम में दर्ज की जा सकेगी।
नए सिस्टम में पुलिसकर्मियों के कार्यों का आकलन करने के लिए पॉइंट सिस्टम भी प्रस्तावित किया गया है। अलग-अलग जिम्मेदारियों और प्रदर्शन के आधार पर कर्मचारियों को अंक दिए जाएंगे। महीने के अंत में इन अंकों के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारी या कर्मचारी का चयन किया जा सकेगा। ऐप को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। इसकी कार्यप्रणाली में तीन चरण शामिल किए जाने हैं। पहले चरण में ई-प्रबंध पोर्टल, दूसरे चरण में कवच और तीसरे चरण में क्वार्टर मैनेजमेंट को जोड़े जाने की जानकारी दी गई। ऐप के लोकार्पण के बाद डीआईजी ने सैनिक दरबार में पुलिसकर्मियों से सीधे संवाद किया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव उनके सामने रखे। डीआईजी ने उनकी बातों को सुना और विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई के संबंध में चर्चा की। इस पूरी कवायद का उद्देश्य पुलिस बल के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाना है। ऐप के माध्यम से ड्यूटी आवंटन, उपस्थिति और कार्य मूल्यांकन जैसी प्रक्रियाओं को एक डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।


