
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
कोलकाता 23 जून 2026। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। शहरी विकास और नगरपालिका मामलों के विभाग ने घोषणा की है कि अब खुले में शौच करने, सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करने, थूकने, कचरा फैलाने, अवैध तरीके से कचरा फेंकने और प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग का इस्तेमाल करने वालों पर मौके पर ही जुर्माना लगाया जाएगा।
कब से लागू होंगे नए नियम?
शहरी विकास और नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि यह व्यवस्था 1 जुलाई से उत्तर बंगाल की चुनिंदा नगरपालिकाओं में लागू की जाएगी। इसके बाद 1 सितंबर से राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों में यह नियम प्रभावी हो जाएंगे। सोमवार को जारी सार्वजनिक संदेश में मंत्री ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और शहरों की साफ-सफाई के स्तर को बेहतर बनाना है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी तत्काल कार्रवाई
अग्निमित्रा पॉल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि सरकार ने साफ और स्वस्थ बंगाल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत अब राज्य में खुले में शौच, सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब, थूकना, कचरा फैलाना, अवैध रूप से कचरा फेंकना और प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर स्पॉट फाइन लगाया जाएगा और आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य साफ सड़कें, स्वस्थ समाज और नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
गरियाहाट बाजार के निरीक्षण के बाद बढ़ी सख्ती
यह घोषणा उस समय आई है जब कुछ दिन पहले अग्निमित्रा पॉल ने दक्षिण कोलकाता के प्रसिद्ध गरियाहाट बाजार का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दुकानदारों और राहगीरों को कचरा फैलाने तथा नागरिक नियमों का उल्लंघन करने पर चेतावनी दी थी। मंत्री ने उस दौरान भी साफ कहा था कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने, थूकने और पेशाब करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा और स्वच्छता नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
प्लास्टिक बैग इस्तेमाल करने पर 200 रुपये जुर्माना
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने यह भी बताया था कि प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग का इस्तेमाल करते पाए जाने वालों पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही बाजार प्रबंधन को कचरा निपटान और सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए थे।
सरकार ने लोगों से मांगा सहयोग
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि सिर्फ सरकारी कार्रवाई से राज्य को पूरी तरह साफ नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए आम लोगों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक मिलकर अपने शहरों, कस्बों, बाजारों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों को साफ, स्वच्छ और प्लास्टिक-मुक्त बनाने में योगदान दें।
‘साफ बंगाल, स्वस्थ बंगाल, जिम्मेदार नागरिक’
अपने संदेश के अंत में मंत्री ने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ बंगाल का सपना तभी पूरा होगा, जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और सार्वजनिक स्थानों की सफाई बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाए। ‘साफ बंगाल, स्वस्थ बंगाल, जिम्मेदार नागरिक’ इसी संदेश के साथ राज्य सरकार ने अपने नए स्वच्छता अभियान की शुरुआत की है।


