
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली 09 जून 2026। दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट में 3 जून को हुई दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल (39) की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने पश्चिम बंगाल से किरायेदार दंपती राम प्रसाद दास और उसकी पत्नी बनश्री दास को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दंपती ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिनसे इस हत्या के पीछे की भयावह साजिश का पर्दा उठा है। आरोपी राम प्रसाद ने कबूल किया है कि उन्होंने डेढ़ माह पूर्व ही प्रोफेसर देबोस्मिता की हत्या की योजना बना ली थी, जिसका मुख्य उद्देश्य पश्चिम बंगाल के बर्धवान में स्थित प्रोफेसर की करोड़ों की संपत्ति पर अवैध कब्जा करना था।
करोड़ों की संपत्ति पर कब्जे की मंशा
जांच में सामने आया है कि राम प्रसाद दास पिछले तीन वर्षों से प्रोफेसर देबोस्मिता के बर्धवान स्थित 1200 गज के विशाल मकान में किराये पर रह रहा था। इस मकान की कीमत करोड़ों रुपये बताई जाती है। प्रोफेसर देबोस्मिता ने कुछ समय पहले आरोपियों से प्रॉपर्टी खाली करने के लिए कहा था, जिसके बाद किरायेदार की नीयत खराब हो गई। बार-बार कहने के बावजूद जब आरोपियों ने मकान खाली नहीं किया, तो प्रोफेसर ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। इसी बात से खफा होकर राम प्रसाद और बनश्री ने प्रोफेसर की हत्या की योजना बनाना शुरू कर दिया।
हत्या की योजना और दिल्ली में रेकी
हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए, आरोपी राम प्रसाद ने अपनी पत्नी और बेटे के साथ पहले दो बार दिल्ली आकर प्रोफेसर देबोस्मिता के घर की रेकी की थी। इस दौरान उन्होंने घर की तस्वीरें भी खींचीं, ताकि वे वारदात को अंजाम देने के तरीके और वहां से निकलने के रास्तों की पूरी जानकारी जुटा सकें। अपनी योजना को अंतिम रूप देने के बाद, 1 जून को यह दंपती अपने 13 वर्षीय बेटे के साथ दिल्ली पहुंचा और 2 जून को दल्लूपुरा के एक गेस्ट हाउस में ठहरा।


