
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 17 मई 2026। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला क्षेत्र अंतर्गत दूरस्थ पहाड़ी ग्राम राजमेरगढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से 11 मवेशियों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि शनिवार शाम अचानक मौसम बदल गया और तेज गर्जना के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान जंगल में चरने गए मवेशी वापस गांव लौट रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार तेज गर्जना के बीच अचानक आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से 11 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। मृत सभी मवेशी ग्राम राजमेरगढ़ निवासी नाथूराम यादव के बताए जा रहे हैं। बताया गया कि रोजाना की तरह सभी मवेशी सुबह जंगल चरने गए थे और शाम को लौटते समय यह हादसा हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। एक साथ 11 मवेशियों की मौत से पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि पशुपालन ही परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है, ऐसे में इस हादसे से परिवार पर संकट खड़ा हो गया है। मामले की सूचना स्थानीय प्रशासन को दे दी गई है। प्रशासनिक अमला मौके का निरीक्षण कर पंचनामा कार्रवाई में जुट गया है। वहीं प्रभावित पशुपालक के लिए मुआवजा प्रकरण तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।
बीजापुर के पोन्दुम गांव में आकाशीय बिजली गिरी, 10 मवेशियों की मौत, प्रशासन से मुआवजे की गुहार
बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक के ग्राम पोन्दुम गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 10 मवेशियों की मौत हो गई है। घटना शनिवार की शाम करीब साढ़े 7 बजे की बताई जा रही है। हादसे के बाद गांव में पशुपालकों में शोक और चिंता का माहौल है। जानकारी के मुताबिक, सभी मवेशी खेत और खुले स्थान में थे। इसी दौरान अचानक शाम को मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ बिजली गिर गई। बिजली की चपेट में आने से 10 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से प्रभावित पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
मृत मवेशियों के मालिकों में लक्ष्मण हपका, बुधराम हपका और दशरथ बघेल के दो-दो मवेशी शामिल हैं, जबकि पिंकी बघेल, सुंदरी हपका, आसमती हपका और मन्नू हपका के एक-एक मवेशी की मौत हुई है। अधिकांश मवेशी सफेद रंग के बताए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। एक साथ 10 मवेशियों की मौत से प्रभावित परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कर प्रभावित पशुपालकों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने प्राकृतिक आपदा से हुए इस नुकसान पर दुख जताते हुए शासन से शीघ्र राहत सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।


