
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
कोलकाता 09 मई 2026। पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। शुभेंदु अधिकारी ने बंगला भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कोलकाता पहुंचे हैं। इससे पहले शुभेंदु अधिकारी ने पीएम मोदी के साथ मंच पर रबींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर के सामने पुष्प अर्पित किए। शुभेंदु अधिकारी के बाद दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, खुदीराम टुडू , अशोक कीर्तनिया और निसिथ प्रामाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण के गवाह बनने के लिए कई दिग्गज हस्तियां पहुंची। इस बीच एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और सुनेत्रा पवार भी पहुंचे हैं। इसके अलावा, मंच पर स्मृति ईरानी, शिवराज सिंह चौहान, चिराग पासवान, मिथुन चक्रवर्ती भी शपत समारोह में मौजुद है।

पीएम मोदी भाजपा के सबसे पुराने कार्यकर्ता से मिले
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के वरिष्ठतम कार्यकर्ताओं में से एक माखनलाल सरकार का अभिनंदन किया और उनसे आशीर्वाद लिया। 1952 में, भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर में मौजूद माखनलाल सरकार को गिरफ्तार कर लिया गया था। 98 वर्ष की आयु में भी श्री माखनलाल सरकार स्वतंत्रताोत्तर भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं।
कोलकाता पहुंचे देशभर के दिग्गज नेता
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए एनडीए (NDA) के कई बड़े चेहरे कोलकाता पहुंच चुके हैं। मेहमानों की लिस्ट में शामिल हैं:
सम्राट चौधरी: बिहार के मुख्यमंत्री।
रेखा गुप्ता: दिल्ली की मुख्यमंत्री।
जीतन राम मांझी: बिहार के पूर्व सीएम और HAM प्रमुख।
जयंत चौधरी: राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के अध्यक्ष।
विकास पर ‘सुपरफास्ट’ फोकस: राजनाथ सिंह को कमान
नई सरकार के शपथ लेते ही बंगाल में विकास कार्यों को गति देने की तैयारी भी शुरू हो गई है। केंद्र सरकार ने उन सभी प्रोजेक्ट्स की लिस्ट मांगी है जो पिछले 12 सालों से ममता बनर्जी सरकार के समय लंबित या अटके हुए थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इन रुकी हुई योजनाओं को ट्रैक पर लाने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मकसद यह है कि केंद्र की योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द बंगाल की जनता तक पहुंचे।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। राज्य में पिछले 15 सालों से काबिज ममता बनर्जी की टीएमसी (TMC) सरकार का अंत हो गया है और भारतीय जनता पार्टी ने दो-तिहाई बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।


