
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
चेन्नई 23 जून 2025। तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि ने रविवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत के सैन्य इतिहास में एक ‘निर्णायक क्षण’ साबित हुआ है। उन्होंने इसे सटीकता, तालमेल और तेज कार्रवाई से हासिल की गई एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ भारत की सेनाओं की तरफ से पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मौजूद आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई थी। यह मिशन 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था। इस सफल अभियान को लेकर चेन्नई में आयोजित सैन्य सम्मान समारोह में राज्यपाल ने सशस्त्र बलों के शौर्य को सलाम किया।
प्रधानमंत्री मोदी की नीति में बदलाव
राज्यपाल रवि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को साहसी और निर्णायक बताया। उन्होंने कहा कि अब भारत की नीति स्पष्ट है। ‘भारत पर किसी भी प्रकार का आतंकी हमला, सीधे युद्ध की कार्यवाही माना जाएगा और उसका ठोस जवाब दिया जाएगा।’ इस नीति ने सेनाओं का मनोबल, तैयारी और संचालन क्षमता काफी हद तक बढ़ाई है।
ऑपरेशन ‘सिंदूर’ में तमिलनाडु की भूमिका
राज्यपाल ने तमिलनाडु की राष्ट्रीय रक्षा में भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि यह राज्य न केवल स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी रहा, बल्कि आज भी बड़ी संख्या में युवाओं की सेवा सेनाओं में बनी हुई है।
इन सैन्य अधिकारियों को किया गया सम्मानित
समारोह में राज्यपाल ने कई सैन्य और वैज्ञानिक अधिकारियों को सम्मानित किया। इसमें लेफ्टिनेंट जनरल करणबीर सिंह बरार, जीओसी, दक्षिण भारत एरिया; रियर एडमिरल सतीश शेनॉय, कमांडिंग ऑफिसर, तमिलनाडु और पुडुचेरी नौसेना क्षेत्र; एयर कमोडोर प्रदीप शर्मा, एयर फोर्स स्टेशन, अवाडी; कमांडर दतविंदर सिंह सैनी, कोस्ट गार्ड (ईस्ट); प्रो. वी. कामकोटी, निदेशक, IIT-मद्रास; डॉ. प्रकाश चौहान, निदेशक, राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग केंद्र, इसरो; कर्नल राजेंद्र सिंह भाटिया, अध्यक्ष, SIDM (भारतीय रक्षा विनिर्माता संघ) शामिल हैं।


