
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
रायपुर 31 मई 2025। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की ओर से किये जा रहे युक्तियुक्तकरण के विरोध में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। इसे लेकर पार्टी पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि युक्तियुक्तकरण रोजगार विरोधी कदम है। इससे प्रदेश में 45 हजार से अधिक शिक्षकों के पद खत्म हो जायेंगे। 10 हजार 463 स्कूल सीधे तौर पर बंद कर दिये गये हैं। नये सेटअप के नाम पर स्कूलों में शिक्षको के न्यूनतम पदों की संख्या में कटौती करके शिक्षक के हजारों पद खत्म कर दिया गया है।
‘प्राइमरी स्कूलों में 21.48 छात्रो के बीच एक शिक्षक’
उन्होंने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में प्राइमरी स्कूलों में 21.48 छात्रो के बीच एक शिक्षक हैं, इस अनुपात को बढ़ाकर 30 छात्र प्रति शिक्षक और इसी तरह मीडिल स्कूलों में 26.2 छात्र प्रति शिक्षक के रेसियो को बढ़ाकर 35 छात्र प्रति शिक्षक किया जा रहा है। इस वजह से शिक्षकों के एक तिहाई पद खत्म हो जायेंगे। नये शिक्षकों की भर्तियां न करनी पड़ी इसलिए युक्तियुक्तकरण कर रही साय सरकार। सरकारी शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने साय सरकार ने षड्यंत्र रचा है। साय सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा नुकसान बस्तर और सरगुजा के आदिवासी अंचलों में पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ेगा।
एक शिक्षा का सेटअप: बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नए सेटअप में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में एचएम को शिक्षकीय पद मानते हुए प्राइमरी में 30 और मिडिल में 35 बच्चों के बीच एक शिक्षा का सेटअप घोषित किया गया है। प्राथमिक शालाओं में पहली व दूसरी में तीन-तीन विषय एवं तीसरी, चौथी, पांचवी में चार-चार विषय के अनुसार कुल 18 विषय होते हैं, जिन्हें वर्तमान समय में तीन शिक्षकों को 40 मिनट का 6-6 कक्षा लेना होता है, अब युक्तियुक्तकरण के नए नियम के बाद दो ही शिक्षको के द्वारा 18 कक्षाओं को पढ़ाना कैसे संभव हो सकता है? मिडिल स्कूल में तीन क्लास और 6 सब्जेक्ट इस हिसाब से कुल 18 क्लास और 60 बच्चों की कुल संख्या में एचएम और उसके साथ केवल एकमात्र शिक्षक कैसे 18 क्लास ले पाएंगे? इसके अतिरिक्त मध्याह्न भोजन की व्यवस्था डाक का जवाब और अन्य गैर शिक्षकीय कार्यों की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर रहेगी।


