पूनिया ने कहा 70 की उम्र में हो रिटायरमेंट, निशाना साधा था वसुंधरा राजे पर, लगा मोदी, राजनाथ को

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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

जयपुर 30 जुलाई 2022। भाजपा ही देश की एक ऐसी पार्टी है, जिसने अघोषित तौर पर 75 वर्ष को रिटायरमेंट की उम्र तय कर दी है। अब भाजपा के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने नया बयान देकर अपने लिए ही मुसीबत खड़ी कर दी है। उन्होंने रिटायरमेंट की उम्र 70 साल होने की वकालत की है। यह भी कहा कि युवाओं को मौका देने के लिए वह खुद भी 70 साल की उम्र में रिटायर हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगले साल राजस्थान में होने वाले चुनाव उनके नेतृत्व में लड़े जाएंगे।

राजनीतिक पंडितों के मुताबिक पूनिया ने भले ही यह बयान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर दिया हो, इसके साइड इफेक्ट्स दूर तक होंगे। वसुंधरा अभी 69 साल की हैं और राज्य में विधानसभा चुनावों तक 70 साल की हो जाएंगी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी 70 साल का आंकड़ा पार कर चुके हैं। ऐसे में क्या उन्हें भी रिटायर हो जाना चाहिए? पूनिया के विरोधी यह सवाल पूछ रहे हैं। 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने शुक्रवार को जयपुर में आयोजित टॉक जर्नलिज्म कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा अपने 50 फीसदी टिकट युवा चेहरों को देगी। पूनिया का यह बयान पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सहित कई वरिष्ठ नेताओं और उनके समर्थकों को निराश करने वाला हो सकता है।  

राजस्थान के कई नेता हो चुके हैं 70 पार  
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पूनिया के अनुसार अगर नेताओं की रिटायरमेंट की उम्र 70 साल तय कर दिया जाए तो राजस्थान के कई बड़े नेताओं का सुत्ता सुख का सपना छीन सकता है। प्रदेश के कई बड़े नाम जैसे कैलाश मेघवाल, गुलाबचंद कटारिया, नंदलाल मीणा, लादुराम विश्नोई, सुंदरलाल, किशनाराम नाई, तरूण राय कागा, सूर्यकांता व्यास, गोपाल जोशी, जयनारायण पूनिया सहित कई वरिष्ठ नेताओं को टिकट की दौड़ से बाहर होना पड़ सकता है। हालांकि, सतीश पूनिया ने इस को अपनी निजी राय बताया लेकिन भाजपा प्रदेश की निजी राय भी केंद्रीय नेतृत्व से अलग होना अच्छा संकेत नहीं है। बता दें कि भाजपा आलाकमान ने मदन लाल सैनी को 75 की उम्र में प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। मदन लाल सैनी के नेतृत्व में भाजपा का प्रदर्शन भी काफी सुधरा था।  
अध्यक्ष के नाते मेरे नेतृत्व में लड़ा जाए चुनाव
इसके साथ ही कार्यक्रम में सतीश पूनिया ने एक सवाल के जवाब में साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में नेतृत्व को लेकर भी बयान दिया। पूनिया ने कहा कि मैं गांव से आता हूं। मेरे जैसे किसान परिवार को अवसर मिला है तो मेरी इच्छा है कि अध्यक्ष के नाते पार्टी मेरे नेतृत्व में 2023 में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाए। उन्होंने कहा कि संगठन की शक्ल में मेरी चाहत है कि प्रदेश में 52,000 बूथों तक जाए। हालांकि, पूनिया ने कहा कि इस प्रकार की मेरी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है और मैं पार्टी से या कार्यकर्ताओं से भी इसके लिए नहीं कहूंगा। उन्होंने कहा कि भाजपा संसदीय बोर्ड और आलाकमान जिस प्रकार का निर्देश देंगे। हम सब उसके पालना करेंगे लेकिन आपने सवाल किया है तो बता रहा हूं।

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