म्यांमार में घुसने की कोशिश कर रहा है चीन? जानें क्यों CDS जनरल बिपिन रावत ने किया आगाह

शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

नई दिल्ली 25 जुलाई 2021। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को कहा भारत को म्यांमार में मौजूदा स्थिति को देखते हुए उसपर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। जनरल रावत इंडियन मिलिट्री रिव्यू द्वारा आयोजित ‘पूर्वोत्तर भारत में अवसर और चुनौतियां’ पर एक वेबिनार में बोल रहे थे। म्यांमार में फरवरी में सैन्य तख्तापलट के बाद उस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसके बाद से चीन वहां अपनी पैठ मजबूत करने के प्रयास में जुट गया है। माना जा रहा है कि म्यांमार पर प्रतिबंध के बीच चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव को और रफ्तार मिलेगी।

शरारत से नजरे गड़ाए हुए है चीन
देश के सबसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि म्यांमार में ‘सामान्य स्थिति की वापसी’ देश के साथ ‘हमारे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों’ के कारण क्षेत्र, विशेष रूप से भारत के लिए अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र, जो बाकी हिस्सों से जुड़ा संकरा और कमजोर सिलीगुड़ी कॉरिडोर या ‘चिकन नेक’ की वजह देश के लिए ‘अत्यधिक भू-रणनीतिक महत्व’ है। रावत ने कहा कि विशेष रूप से चीन पर्दे के पीछ से इस क्षेत्र पर शरारत से नजरें गड़ाए हुए है।

रोहिंग्या शरणार्थियों की मौजदूगी चिंता का विषय
जनरल रावत ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों की उपस्थिति क्षेत्र के लिए एक और ‘चिंता का उभरता हुआ क्षेत्र’ है। उन्होंने कहा कि इसका इस्तेमाल कट्टरपंथी इस्लामी समूहों द्वारा क्षेत्र में अशांति फैलाने और शांति और सुरक्षा को कमजोर करने के लिए किया जा सकता है। चीन के अलावा, पूर्वोत्तर क्षेत्र में बॉर्डर की स्थिति भारत के लिए विद्रोही गतिविधि, अवैध प्रवास और नशीली दवाओं की तस्करी जैसी कई अन्य सुरक्षा चिंताएं हैं।

आतंकवाद विरोधी अभियानों से हिंसा में कमी
पूर्वोत्तर में आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के ‘गंभीर अंतरराष्ट्रीय आयाम’ हैं। इसे देखते हुए जनरल रावत ने कहा कि सतर्क और सजग केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बल, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय राजनयिक सैन्य सहयोग से संवर्धित, इन सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण होंगे। हाल के वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में ‘निरंतर आतंकवाद विरोधी अभियानों’ और पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार में चरमपंथी संगठनों के लिए ‘सुरक्षित पनाहगाहों के नुकसान’ के कारण हिंसा में बड़ी कमी आई है। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि इन सकारात्मक घटनाओं को शांति वार्ता के माध्यम से और एकजुट किया जाए।

Leave a Reply

Next Post

आंंखों को कमजोर होने से बचाने के लिए आज ही खाना शुरू कर दें ये 6 चीजें

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर आजकल समय से पहले लोगों के आखों की रोशनी कमजोर होने लगी है, क्योंकि बदलती लाइफ स्टाइल के साथ ही हम सभी को कुछ घंटे मोबाइल या कम्यूटर स्क्रीन के सामने रहना होता है। लेकिन यदि हम अपने खान-पान में थोड़ी ध्यान दें तो शायद इस […]

You May Like

जांजगीर-चांपा में घर में फंदे पर लटकी मिली महिला....|....2 लाख रुपए की लूटपाट करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार....|....अस्पताल परिसर में जुआ खेलते 12 जुआरी पकड़े, कार-बाइक समेत लाखों का माल जब्त....|....एक करोड़ के बीमा क्लेम में हेराफेरी....|....छत्तीसगढ़ में अगले सप्ताह तक मानसून रहेगा सक्रिय....|....भारी बरिश के चलते रेल परिचालन प्रभावित....|....सिक्किम की निर्माणाधीन टनल पर लैंडस्लाइड, 10 मजदूरों की मौत....|....पेपर लीक मुद्दे पर राहुल गांधी स्पीकर से मिले....|....लोहिया कॉर्प 23 से निवेशकों के लिए खोलेगी 3,547 करोड़ रुपए का पब्लिक इश्यू....|....23 से खुलेगा इंडो एमआईएम का 3812 करोड़ रुपए का आईपीओ