केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने किया उद्घाटन

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
रायपुर, 04 नवंबर 2026। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री किशन रेड्डी ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में सात अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। यह पहल छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा देने के लिए की गई है। इन नवनिर्मित शोध केंद्रों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष अनुसंधान, महत्वपूर्ण खनिज, एयरोस्पेस तकनीक, जनजातीय स्वास्थ्य, कंप्यूटेशनल मैकेनिक्स और सतत ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में उच्च स्तरीय शोध को बढ़ावा मिलेगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष शोध के नए केंद्र
केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने कहा कि भारत आधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में अनुसंधान और तकनीकी विकास को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि विकसित भारत के निर्माण में विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी की केंद्रीय भूमिका रहेगी और युवा प्रतिभाएं इस बदलाव की प्रमुख ताकत बनेंगी। मंत्री ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल भविष्य की तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और सुशासन के क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन का मुख्य जरिया बन रही है। ऐसे में युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और बेहतर अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है।
नए स्टार्टअप को बढ़ावा
एनआईटी रायपुर में स्थापित सातों केंद्र विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और उद्योग जगत को साझा मंच प्रदान करेंगे। जिन सात केंद्रों का उद्घाटन हुआ है, उनमें एमईआईटीवाई इंडिया एआई छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन क्रिटिकल मिनरल्स, और सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन शामिल हैं। इनके अलावा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एयरोस्पेस एंड ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजीज, मैराल सेंटर फॉर इनोवेशन इन रूरल एंड ट्राइबल हेल्थ, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन कंप्यूटेशनल मैकेनिक्स तथा सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड सस्टेनेबल एनर्जी टेक्नोलॉजीज की भी शुरुआत की गई है। ये सभी केंद्र व्यावहारिक समस्याओं का समाधान खोजने तथा नए स्टार्टअप को बढ़ावा देने में मदद करेंगे।
खनिजों के वैज्ञानिक उपयोग से बढ़ेगी आत्मनिर्भरता
छत्तीसगढ़ की समृद्धखनिज संपदा का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक उद्योग और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विस्तार में महत्वपूर्ण खनिजों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। खनिजों के वैज्ञानिक उपयोग और संबंधित नई तकनीकों पर किया जाने वाला शोध देश को आर्थिक व तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा। इसके साथ ही, ग्रामीण तथा जनजातीय स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी नवाचार दूरस्थ इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में मददगार होंगे। इन केंद्रों की स्थापना से शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच आपसी सहयोग बढ़ेगा। उन्होंने युवा शोधार्थियों से वैज्ञानिक सोच और उद्यमिता अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।


