भैंस के आगे बीन बजाकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
सोलन, 24 सितंबर 2026। सोलन का व्यस्त मालरोड उस समय राजनीतिक नारों से गूंज उठा, जब कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ रोष रैली निकाली। कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। लेकिन इस प्रदर्शन में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला दृश्य रहा भैंस के आगे बीन बजाने का। सोलन ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अमित ठाकुर ने भैंस के आगे बीन बजाकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक तरीके से अपना विरोध जताया। यह दृश्य देखकर मालरोड से गुजर रहे लोगों की नजर भी प्रदर्शन की ओर टिक गई।
पुराने विश्राम गृह से मुरारी मार्किट तक निकली रैली
कांग्रेस की रोष रैली पुराने विश्राम गृह से शुरू हुई और मुरारी मार्किट तक पहुंची। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों तथा आपत्तियों को लेकर विरोध दर्ज करवाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर पार्टी लगातार जनता के बीच अपनी आवाज उठा रही है। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाए और अपना विरोध दर्ज करवाया।
रजनी पाटिल समेत कई बड़े नेता रहे मौजूद
सोलन में आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, सह प्रभारी विधित चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल रैली में शामिल हुए। रजनी पाटिल के सोलन पहुंचने पर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत भी किया। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने रैली में हिस्सा लिया।
केंद्र की नीतियों पर कांग्रेस ने जताया रोष
रैली के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवाया। नेताओं ने कहा कि पार्टी इन मुद्दों को जनता के बीच उठाती रहेगी। इस दौरान मालरोड पर कुछ समय के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं और रैली के चलते लोगों का ध्यान भी प्रदर्शन की ओर गया। खासतौर पर भैंस के आगे बीन बजाने का प्रतीकात्मक तरीका प्रदर्शन का प्रमुख आकर्षण रहा।
सोलन में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
सोलन में पिछले कुछ समय से राजनीतिक गतिविधियां लगातार देखने को मिल रही हैं। ऐसे में कांग्रेस की यह रैली भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, प्रदर्शन में लगाए गए आरोप और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर कांग्रेस का पक्ष पार्टी के राजनीतिक दावे और रुख के रूप में ही देखा जाना चाहिए। रैली के जरिए कांग्रेस ने साफ तौर पर यह संदेश देने की कोशिश की कि केंद्र सरकार से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करवाती रहेगी।


