50 करोड़ की सात शत्रु संपत्तियां घोषित, 28 की अभी चल रही है जांच

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प्रशासन के लिए खाली कराना चुनौती

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर  

कानपुर, 14 अगस्त 2026। गृह मंत्रालय की ओर से शत्रु संपत्तियों की नीलामी संबंधी आदेश जारी होने के बाद जिले में वर्षों से लंबित मामलों में कार्रवाई तेज हो गई है। पिछले पांच वर्षों में हुई जांच के बाद 50 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की सात शत्रु संपत्ति घोषित की जा चुकी हैं। वहीं, करीब 28 मामलों की जांच लंबित है।

अब प्रशासन के सामने चिह्नित संपत्तियों के अभिलेख दुरुस्त कराने और कब्जे वाली संपत्तियों को सरकारी अभिरक्षा में लेने की चुनौती है। जिले में सबसे ज्यादा शत्रु संपत्तियां सदर तहसील क्षेत्र में हैं। चमनगंज, ग्वालटोली, परेड और बेकनगंज के अलावा बिल्हौर में भी एक संपत्ति है।

संपत्तियों पर स्थानीय लोगों ने कर लिया कब्जा
इनमें फ्लैट, आवासीय भवन, दुकानें और जमीनें शामिल हैं। प्रमुख इलाकों में होने से कई संपत्तियों का बाजार मूल्य करोड़ों रुपये है। शत्रु संपत्तियों पर कब्जे को लेकर प्रशासन को वर्षों से शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि विभाजन के बाद पाकिस्तान चले गए लोगों की संपत्तियों पर स्थानीय लोगों ने कब्जा कर लिया।

28 मामलों की रिपोर्ट उप जिलाधिकारी स्तर पर लंबित
शासन के निर्देश पर जांच शुरू हुई। शुरुआती स्तर पर करीब 89 संपत्तियां चिह्नित की गईं। अभिलेखों के सत्यापन के बाद करीब 35 संपत्तियां शत्रु संपत्ति की श्रेणी में मिलीं। सर्वे, सत्यापन और मूल्यांकन के बाद अब तक सात शत्रु संपत्ति ही घोषित हुई हैं। 28 मामलों की रिपोर्ट उप जिलाधिकारी स्तर पर लंबित है।

कब्जा हटाना बड़ी चुनौती
सात घोषित संपत्तियों में चार से पांच पर प्रशासन ने ताला लगा दिया है। वहीं शत्रु संपत्ति की श्रेणी में मिले कुछ फ्लैटों में लोग अभी काबिज हैं। इसके अलावा कई ऐसी ही संपत्तियों पर लंबे समय से दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलने के कारण कब्जा हटाना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।

ये संपत्तियां घोषित

  • आमना खातून, आबिद रहमान- 99/187 कंघी मोहाल, 99/14ए रामजानकी मंदिर बेकनगंज और 88/21, 88/21ए, 88/21बी, 88/21सी दारुल मौला नाला रोड, चमनगंज।
  • तजमल हुसैन एवं तजम्मुल हुसैन- 11/154ए, 11/157 और 11/158 ग्वालटोली।
  • एस हुमायु नजर पुत्र नजर मोहम्मद- 602 गोकुल अपार्टमेंट, सिविल लाइंस।

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