
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली 20 जून 2026। 21 जून को होने जा रही नीट यूजी की पुनर्परीक्षा (Re-NEET) से पहले उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नागपुर के एक छात्र को भारत की जगह सीधे विदेश यानी ‘अबू धाबी’ में परीक्षा केंद्र अलॉट कर दिया गया। इस गंभीर लापरवाही पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी और एनटीए के सिस्टम पर सवाल खड़े किए। हालांकि, सोशल मीडिया पर मुद्दा उठने के बाद मामला संज्ञान में आते ही एनटीए ने तत्काल एक्शन लिया। ताजा जानकारी के मुताबिक एनटीए अगले कुछ घंटों में वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्र को नागपुर में केंद्र आवंटित करेगा। लेकिन इस लापरवाही पर राहुल गांधी ने एनटीए को खरी-खरी सुनाई।
राहुल गांधी का बड़ा हमला: “एनटीए देश के बच्चों का धीरज टेस्ट कर रही है”
इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एनटीए और सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने छात्र की मानसिक स्थिति का जिक्र करते हुए लिखा:
‘नागपुर का एक बच्चा एक महीने से नीट री-एग्जाम की तैयारी कर रहा था। कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने एडमिट कार्ड डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला – अबू धाबी। न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है – क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?’ राहुल गांधी ने एनटीए से सीधा सवाल पूछा कि ‘आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुंच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा कि जो सिस्टम एक बच्चे को अपने ही शहर में सेंटर नहीं दे सकता, उसे परीक्षा करवाने का कोई हक नहीं है। यह शिक्षा व्यवस्था नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है।
मुद्दा उठने के बाद हरकत में आया एनटीए
मामला संज्ञान में आने पर एनटीए ने तुरंत मामले पर आधिकारिक सफाई दी। एनटीए ने आधिकारिक तौर पर जवाब देते हुए कहा, ‘उम्मीदवार की शिकायत का समाधान किया जा रहा है और उचित सत्यापन के बाद अगले कुछ ही घंटों के भीतर उसे नागपुर में ही नया परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया जाएगा।’


