
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
चेन्नई 09 मई 2026। तमिलनाडु में सरकार बनाने की खींचतान पर डीएमके नेता टीकेएस एलंगोवन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि टीवीके प्रमुख विजय को शुरुआत में अकेले ही राज्यपाल के पास जाना चाहिए था। विजय ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था, इसलिए उनकी पार्टी के पास 107 सीटें थीं। एलंगोवन के अनुसार, अगर विजय सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर अकेले दावा पेश करते, तो राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने का न्योता दे सकते थे। इसके बाद उन्हें सदन में अपनी ताकत साबित करने का मौका मिलता। लेकिन विजय ने दूसरी पार्टियों को साथ लिया और यह संख्या 112 तक पहुंच गई। 112 का आंकड़ा भी बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से कम है। जब विजय ने गठबंधन के साथ दावा किया, तो राज्यपाल अब पूर्ण बहुमत मिलने का इंतजार कर रहे हैं। यही वजह है कि राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने के लिए नहीं बुला रहे हैं। अब विजय को सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार करना होगा।
तमिलनाडु के विधायकों को बंगलूरू शिफ्ट करने की खबरें गलत: डीके शिवकुमार
तमिलनाडु के कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु भेजने की चर्चाओं पर कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह से झूठ बताया है। शिवकुमार ने कहा कि कोई भी विधायक बेंगलुरु के ईगलटन रिसॉर्ट नहीं पहुंचा है। उन्होंने उन दावों को भी गलत बताया जिनमें कहा जा रहा था कि विधायक हैदराबाद चले गए हैं। शिवकुमार ने साफ किया कि उन्हें ऐसी किसी भी बात की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान ने इस विषय पर उनसे कोई चर्चा नहीं की है। शिवकुमार के अनुसार, अगर हाईकमान कुछ कहते हैं तो स्थिति अलग होती, लेकिन अभी तक ऐसी कोई बात नहीं हुई है।
प्रमोद तिवारी कांग्रेस सांसद बोले- भाजपा को सत्ता से दूर रखना ही कांग्रेस का लक्ष्य
तमिलनाडु के राजनीतिक संकट पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने अपनी बात रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल का व्यवहार राज्य में वैकल्पिक सरकार बनने से रोकने वाला लग रहा है। तिवारी ने कहा कि राजनीति में ऐसे पल आते रहते हैं और इनसे घबराने की जरूरत नहीं है। सांसद ने का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य एआईएडीएमके के समर्थन से सरकार बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस एक धर्मनिरपेक्ष शक्ति के रूप में काम कर रही है। पार्टी की पूरी कोशिश है कि भाजपा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सत्ता में न आ पाए।
प्रमोद तिवारी ने कार्यकर्ताओं और नेताओं से धैर्य रखने को कहा है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी कई बार मंत्रियों को हटाया गया है और कांग्रेस ने एकजुट होकर भाजपा और उसके सहयोगियों का मुकाबला किया है। फिलहाल कांग्रेस अपने सिद्धांतों पर चलते हुए राज्य में नई सरकार के गठन की कोशिशों में जुटी है।
राज्यपाल के खिलाफ तमिलनाडु में कांग्रेस का प्रदर्शन
तमिलनाडु में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि राज्यपाल टीवीके प्रमुख विजय को सरकार बनाने के लिए बुलाने में जानबूझकर देरी कर रहे हैं। चेन्नई, मदुरै और कोयंबटूर समेत राज्य के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हुए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस देरी की वजह से राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो रही है। कांग्रेस को डर है कि इस समय का इस्तेमाल विधायकों को लालच देने या उनकी खरीद-फरोख्त के लिए किया जा सकता है।
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के सेल्वापेरुन्थागाई ने राजभवन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्यपाल केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए तुरंत बुलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यपाल संवैधानिक नियमों का पालन करने में नाकाम रहे हैं।
विजय और थिरुमावलवन की विचारधारा एक, टीवीके ने वीसीके से मांगा समर्थन
चेन्नई में टीवीके की महिला विंग की राज्य समन्वयक डॉ स्फूर्ति अरुण ने वीसीके से समर्थन की अपील की है। उन्होंने कहा कि विजय अंबेडकर के बड़े समर्थक हैं और सामाजिक न्याय के लिए लड़ रहे हैं। वीसीके नेता थिरुमावलवन भी इसी विचारधारा को मानते हैं। डॉ स्फूर्ति ने कहा, हमने वीसीके से साथ आने का अनुरोध किया है। इस मुद्दे पर अभी बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों की सोच एक जैसी है। अगर वीसीके और टीवीके साथ आते हैं, तो यह एक बहुत मजबूत गठबंधन बनेगा। टीवीके को उम्मीद है कि सामाजिक न्याय की इस लड़ाई में उन्हें वीसीके का साथ जरूर मिलेगा।


