
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
मुंबई 12 जून 2025। मुंबई में निकाय चुनाव होने वाले है। इसके चलते शहर के साथ-साथ महाराष्ट्र की सियासत में गर्माहट अपने चरम पर है। सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी तैयारी तेज कर चुकी है। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने बुधवार को धारावी को बचाने की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि धारावी को बचाने की लड़ाई केवल धारावी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मुंबई और महाराष्ट्र की अस्मिता की लड़ाई है। धारावी पुनर्विकास परियोजना स्थल पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनके परदादा प्रभोधनकार ठाकरे और दादा बाल ठाकरे ने संयुक्त महाराष्ट्र के लिए संघर्ष किया था और आज वे और उद्धव ठाकरे आज की मुंबई और महाराष्ट्र के लिए लड़ रहे हैं।
भाजपा पर झूठ बोलने का आरोप
आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी झूठ फैला रही है कि धारावी पुनर्विकास की टेंडर प्रक्रिया उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि अगर उद्धव सरकार में यह प्रोजेक्ट होता तो इसका लाभ सिर्फ धारावी के लोगों को मिलता, किसी कंपनी को नहीं। उन्होंने कहा कि यह मल्टी-बिलियन डॉलर की परियोजना अडानी समूह को दी गई है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसका मास्टर प्लान मंजूर किया है। आदित्य ने सवाल किया कि जब मास्टर प्लान मंजूर हुआ, तब फडणवीस के साथ कौन-कौन बैठा था?
कौन मिलेगा धारावी में घर और कौन नहीं?
साथ ही आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि मास्टर प्लान के अनुसार केवल वे लोग जो 2000 तक धारावी में रह रहे थे, उन्हें वहीं पुनर्वास मिलेगा। बाकी लोगों को कुर्ला, घाटकोपर, मुलुंड, विक्रोली और डिओनार डंपिंग ग्राउंड में शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ली, वडाला और NM जोशी मार्ग की बीडीडी चॉल्स के पुनर्विकास में MHADA द्वारा सभी को 500 वर्ग फुट का घर दिया गया। ठीक वैसा ही विकास धारावी में भी होना चाहिए और लाभ सरकार को मिलना चाहिए, न कि अडानी समूह को।
क्या है धारावी पुनर्विकास योजना, समझिए
गौरतलब है कि हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने कुर्ला के मदर डेयरी प्लॉट की नई शर्तों को मंजूरी दी है। यह 8.5 हेक्टेयर जमीन उन 3.5 लाख परिवारों के पुनर्वास के लिए इस्तेमाल की जाएगी, जो धारावी में पात्र नहीं हैं। यहां स्कूल, अस्पताल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, पूरे धारावी पुनर्विकास प्रोजेक्ट के तहत 8.5 लाख परिवारों को पुनर्वासित किया जाना है, जिनमें से 5 लाख पात्र हैं और उन्हें धारावी में ही घर मिलेगा।


