पहले से ज्यादा खर्चीली होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा, चीन ने 20 हजार तक बढ़ाया शुल्क

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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

गंगटोक 19 मई 2025। पांच वर्षों के अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा होने जा रही है। हालांकि इस बार यात्रा पहले से खर्चीली होगी। चीन ने 17 से 20 हजार तक शुल्क बढ़ा दिया है। दरअसल, यात्रा दो मार्गों से होती है। पहला उत्तराखंड का लिपुलेख मार्ग है और दूसरा नाथूला के रास्ते। 

लिपुलेख मार्ग से कितना आएगा खर्च?
लिपुलेख मार्ग से यात्रा पर इस बार 1.84 लाख रुपये खर्च होंगे, जिसमें 95 हजार चीन की फीस होगी। 2019 में 1.30 लाख रुपये खर्च होते थे। तब चीन का शुल्क 77 हजार रुपये था। 

नाथूला मार्ग से कितना खर्च करना होगा?
दूसरी ओर नाथूला मार्ग से यात्रा की तैयारियां तेज हैं। इस मार्ग से यात्रा करने पर चीन प्रति यात्री 2.05 लाख रुपये वसूल करेगा। इस मार्ग से यात्रा पर कुल खर्च 2.84 लाख रुपये आएगा। दोनों मार्गों से 17000 से 25000 रुपये तक खर्चा बढ़ा है। 

दो जलवायु अनुकूलन केंद्र स्थापित किए जा रहे
सिक्किम सरकार बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाई है। विधायक थिनले शेरिंग भूटिया ने कहा कि राज्य की राजधानी गंगटोक और नाथू ला के बीच दो जलवायु अनुकूलन केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

लगेगा ज्यादा समय
पहले लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर यात्रा में 20-21 दिन लगते थे जबकि इस बार 23 दिन लगेंगे। इसका कारण यात्रियों का दिल्ली में 12 दिन गुजारना शामिल है। सिर्फ नौ दिन तिब्बत में गुजरेंगे। वहीं नाथू ला से यात्रा में 25 दिन लगेंगे। पहले 23 दिन लगते थे। इस बार यात्री 10 दिन तिब्बत तो 15 दिन भारत में बिताएंगे।

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 कब शुरू होगी?
कैलाश मानसरोवर यात्रा इस साल जून से शुरू हो रही है, जो कि अगस्त महीने तक जारी रहेगी। इस अवधि में लगभग 250 यात्रियों को दर्शन करने का मौका मिलेगा। यात्रियों का चयन कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के तहत होता है। 

कैलाश मानसरोवर यात्रा का रजिस्ट्रेशन
मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स की आधिकरिक वेबसाइट https://kmy.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण किया जाता है। हर साल आवेदन प्रक्रिया मार्च से अप्रैल माह तक चलती है। इस वर्ष  पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि 13 मई रही। पंजीकरण के लिए पासपोर्ट और फिटनेस प्रमाणपत्र अनिवार्य होते हैं।  

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