
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
रायपुर 09 मई 2023। छत्तीसगढ़ में चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दौरान बड़ी कार्रवाई हुई है। ईडी ने कोयला लेवी मामले में PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत कांग्रेस के दो विधायकों, पीसीसी कोषाध्यक्ष और एक आईएएस अफसर की संपत्ति कुर्क की है। करीब एक साल से ईडी कोयला लेवी मामले में जांच कर रही है। इसके तहत प्रदेश के अलग-अलग आईएएस अफसरों और राज्य शासन के अधिकारियों पर छापा मारा जा चुका है। कोल व्यापारी और आईएएस अफसर की गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
ईडी की ओर से मंगलवार को बताया गया है कि, कथित कोयला लेवी जांच मामले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव और चंद्रदेव प्रसाद राय, पीसीसी कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल सहित अन्य की 90 अचल संपत्ति, आलीशान वाहन, आभूषण और 51.40 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई है। इनके अलावा आईएएस अधिकारी रानू साहू, कोयला व्यापारी सूर्यकांत तिवारी, आरपी सिंह और विनोद तिवारी का भी नाम है। इससे पहले इसी मामले में आईएएस समीर विश्नोई और पीसीएस सौम्या चौरसिया की संपत्ति कुर्क की गई थी।

प्रवर्तन निदेशालय की ओर से बयान में कहा गया है कि, जांच के दौरान, सूर्यकांत तिवारी के साथ इन सभी आरोपियों के साथ वित्तीय संबंधों का पता चला था। इसके बाद पीएमएलए के तहत अपराध में शामिल संपत्तियों की पहचान कर कुर्की की कार्रवाई की गई। ईडी ने पहले कहा था कि जांच बड़े पैमाने पर घोटाले के आरोपों से संबंधित है। इसमें वरिष्ठ नौकरशाह, व्यापारियों, राजनेताओं और बिचौलियों से जुड़े कार्टेल द्वारा छत्तीसगढ़ में परिवहन किए गए प्रत्येक टन कोयले के लिए 25 रुपये की अवैध वसूली की जा रही थी।
ईडी बोली पॉलिटिकल मास्टर्स को दी गई रकम
ईडी की अब तक की जांच में ये कहा गया है कि साल 2019 से 2022 तक 2000 करोड़ का अवैध धन शराब के काम से पैदा किया। इसे दुबई में अपने साथी विकास अग्रवाल के जरिए खपाया। ED की ओर से ऑन रिकॉर्ड बड़ी बात कही गई वो ये कि अनवर ने अपने साथ जुड़े लोगों को परसेंटेज के मुताबिक पैसे बांटे और बाकी की बड़ी रकम अपने पॉलिटिकल मास्टर्स (राजनीतिक संरक्षकों) को दी है।