नीति आयोग ने छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिला नारायणपुर में सामुदायिक सहायता से संचालित पढ़ई तुंहर दुआर योजना को सराहा

Chhattisgarh Reporter
शेयर करे

कोविड-19 के निर्देशों का पालन करते हुए पारा-मोहल्ला एवं लाऊड स्पीकर से बच्चों को दी जा रही है शिक्षा

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

रायपुर, 28 अगस्त 2020। नीति आयोग ने छत्तीसगढ़ राज्य की एक बार फिर सराहना की है। नीति आयोग ने प्रदेश के नक्सल प्रभावित और आदिवासी बहुल आकांक्षी जिला नारायणपुर के नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में जिला प्रशासन एवं गाँव के शिक्षित युवक-युवतियों की सामुदायिक सहायता से संचालित ’पढ़ई तुंहर दुआर’ योजना की सराहना की है। यहां सामुदायिक भवन और घर के बरामदे में कोविड-19 के निर्देशों का पालन करते हुए बच्चों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। नीति आयोग ने नारायणपुर जिले में राज्य शासन की पढ़ई तुंहर दुआर योजनांतर्गत कोरोना काल में बच्चों तक शिक्षा पहुचाने की प्रशंसा करते हुए इसे अपने अधिकारिक ट्विटर हेण्डल से ट्वीट किया है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल से कोरोना की इस विषम परिस्थिति में भी बच्चों तक सुलभ और सुचारू शिक्षा के लिए ऑनलाईन शिक्षा व्यवस्था के रूप में ’पढई तंुहर दुआर’ जैसी महत्वाकांक्षी योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत प्रदेश के करीब 22 लाख छात्र-छात्राएं और करीब 2 लाख शिक्षक अध्ययन-अध्यापन से जुड़े हुए हैं।

इस अभियान की सफलता में कई चुनौतियां भी है, मसलन एन्ड्राइड मोबाइल, मोबाइल डाटा आदि की उपलब्धता। घर में ये साधन हो भी तो बच्चों के लिए इनकी उपलब्धता और सबसे बड़ी बात समाज और अभिभावकों की सहभागिता। राज्य शासन द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई के अतिरिक्त शिक्षकों के द्वारा समुदाय की सहभागिता से कई नवाचार भी वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में किए गए हैं, इसमें गांव और मोहल्ले में समुदाय की सहायता से बच्चो की सीखने की व्यवस्था, लाउडस्पीकर तथा बुलटू के बोल के माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था की गई है, ताकि बच्चों को ऑनलाइन के बिना भी आसानी से सुचारू शिक्षा उपलब्ध हो सके। पढ़ई तुंहर दुआर योजनांतर्गत बहेबीववसण्पद पोर्टल पर नारायणपुर जिले के 5930 विद्यार्थी एवं 1380 शिक्षक पंजीकृत हैं। वही पारा-मोहल्ला तथा लाउड स्पीकर से संचालित कक्षा में 4299 विद्यार्थियों को सुचारू शिक्षा प्रदान की जा रही है।

Leave a Reply

Next Post

हैदराबाद में 1000 करोड़ की लागत से बन रहा रामानुजाचार्य का भव्य मंदिर, 216 फीट ऊंची प्रतिमा गिनीज बुक में दर्ज

शेयर करेअगले साल तक बन कर तैयार हो जाएगा मंदिर, स्टैच्यू ऑफ इक्वैलिटी को बनाने में लगे हैं 400 करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ रिपोर्टर हैदराबाद  भारत में पहली बार समानता की बात करने वाले वैष्णव संत रामानुजाचार्य स्वामी के जन्म को 1000 साल पूरे हो चुके हैं। हैदराबाद में रामानुजाचार्य का […]

You May Like

परेड में दिखेगी 'नक्सल' पर विजय की झलक....|....शिमला से रामपुर के लिए सप्ताह में तीन दिन शुरू हुई हेलीकॉप्टर सेवा....|....शीतला माता मंदिर में बेकाबू ट्रक का तांडव....|....सूदखोरों से परेशान कैटरिंग कारोबारी लापता....|....9 शहीद पुलिसकर्मियों को सीएम मोहन यादव का नमन....|....महानदी के तट पर बसी प्राचीन दक्षिण कोसल की राजधानी सिरपुर अब विश्व पर्यटन मानचित्र पर बनाएगी विशिष्ट पहचान....|....सोशल मीडिया पर ट्रोल हुआ नगर निगम का 'रोता हुआ रावण'....|....उद्घाटन से पहले भारतमाला हाईवे में दरार, गुणवत्ता पर उठे सवाल....|....दशहरे की रात बनी काल, सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, कई घायल....|....प्रवीण-आयुष और सचिन खिलारी ने जीता गोल्ड