अब पत्नी को साथ लेकर दफ्तरों के चक्कर लगा रहा पति

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
शिवपुरी, 03 अक्टूबर 2026। सरकारी दस्तावेजों में दर्ज एक गलती ने जरियाकला गांव के एक परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यहां रहने वाले भारत जाटव की पत्नी शुक्रवती जाटव हकीकत में उनके साथ रह रही हैं लेकिन पंचायत के रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया है। रिकॉर्ड में मृत होने के कारण अब पत्नी का नाम परिवार के राशन कार्ड में जोड़ना भी मुश्किल हो गया है। समस्या के समाधान के लिए भारत पत्नी को साथ लेकर कई सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा चुके हैं।
भारत जाटव के अनुसार करीब पांच वर्ष पहले उनकी शादी दुल्हारा गांव की रहने वाली शुक्रवती से हुई थी। विवाह के बाद कुछ समय तक शुक्रवती का नाम मायके के राशन कार्ड में दर्ज रहा और उन्हें उसी आधार पर खाद्यान्न मिलता था। शादी के बाद जब उनका नाम पति के परिवार के राशन कार्ड में शामिल कराने की प्रक्रिया शुरू की गई तब सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज एक बड़ी त्रुटि सामने आई। राशन कार्ड से संबंधित प्रक्रिया के दौरान पता चला कि शुक्रवती का नाम सरकारी रिकॉर्ड में जीवित व्यक्ति के बजाय मृत व्यक्ति के रूप में दर्ज है। भारत के मुताबिक समग्र आईडी और खाद्यान्न पर्ची से जुड़े रिकॉर्ड को अपडेट करने के दौरान यह गड़बड़ी हुई। नाम हटाने की प्रक्रिया में शुक्रवती को गलती से मृत दर्ज कर दिया गया।
सरकारी विभाग की इस गलती का असर केवल राशन कार्ड तक सीमित नहीं रहा। समग्र आईडी और आधार से जुड़े रिकॉर्ड में भी परेशानी आने लगी। भारत का कहना है कि पत्नी उनके साथ सामान्य रूप से रह रही हैं और उनकी मौजूदगी के बावजूद सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत बताया जाना परिवार के लिए परेशानी का कारण बन गया है। रिकॉर्ड सुधार कराने के लिए भारत ने बैराड़ तहसील कार्यालय, जनपद पंचायत और पुलिस थाने तक संपर्क किया। उनका कहना है कि वे पत्नी को साथ लेकर अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों के सामने अपनी समस्या रख चुके हैं लेकिन आवेदन देने और लगातार संपर्क करने के बावजूद काफी समय तक राशन कार्ड में पत्नी का नाम जुड़ नहीं सका। इस मामले में दुल्हारा पंचायत के सचिव मलखान सिंह बघेल ने रिकॉर्ड में हुई गड़बड़ी की पुष्टि की है। उनका कहना है कि समग्र आईडी और खाद्यान्न पर्ची को अपडेट करने के अभियान के दौरान पंचायत स्तर पर पुराने रिकॉर्ड की छंटनी की जा रही थी। इस दौरान गांव से बाहर रह रहे लोगों, मृत व्यक्तियों और विवाह के बाद दूसरी जगह चली गई महिलाओं के नामों को रिकॉर्ड से हटाया जा रहा था।
इसी प्रक्रिया के दौरान शुक्रवती का नाम भी हटाया गया लेकिन अपडेट करते समय उन्हें गलती से मृत व्यक्ति के तौर पर दर्ज कर दिया गया। सचिव के मुताबिक करीब एक महीने पहले जब इस त्रुटि की जानकारी सामने आई तो रिकॉर्ड को दोबारा दुरुस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई। उन्होंने बताया कि शुक्रवती की समग्र आईडी को रिकवर कर लिया गया है। अब जरियाकला पंचायत के परिवार रिकॉर्ड और राशन कार्ड में उनका नाम जोड़ने की प्रक्रिया बाकी है। पंचायत स्तर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार को उम्मीद है कि यह समस्या खत्म हो जाएगी।
बहरहाल भारत जाटव की मांग है कि पत्नी के सभी सरकारी रिकॉर्ड में उनकी वास्तविक स्थिति दर्ज की जाए, ताकि भविष्य में राशन, पहचान और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े कामों में उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


