अभी दुनिया के 24 देशों में रोक; स्कूलों में विदेशी छात्रों की संख्या भी कम होगी

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
रोम, 21 सितंबर 2026। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगाने का ऐलान किया है। उन्होंने रविवार को कहा कि इस संबंध में कैबिनेट जल्द प्रस्ताव पर फैसला लेगी। मेलोनी ने कहा कि स्कूलों में चेहरा ढका नहीं होना चाहिए और किसी पर परंपरा के नाम पर चेहरा ढकने का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।
इसके अलावा स्कूलों में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित रखने की भी योजना है। प्रस्तावित नियमों के तहत उन विदेशी छात्रों के माता-पिता को इटैलियन भाषा सीखनी होगी, जिनके बच्चों को स्कूल में घुलने-मिलने और इटली की शिक्षा व्यवस्था में शामिल होने में दिक्कत हो रही है। बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने वाला इटली पहला देश नहीं होगा। फ्रांस और चीन समेत दुनिया के करीब 24 देशों में सार्वजनिक जगहों पर चेहरे को पूरी तरह ढकने वाले कपड़ों पर अलग-अलग तरह की पाबंदियां लागू हैं।
इटली में 50 साल से चेहरा ढकने पर प्रतिबंध
इटली में चेहरा ढकने को लेकर 1975 से कानून है। इसके तहत सार्वजनिक जगहों पर इस तरह चेहरा ढकना मना है, जिससे किसी व्यक्ति की पहचान न हो सके। हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में छूट दी जा सकती है। 2008 के एक कोर्ट के फैसले में कहा गया था कि अगर कोई व्यक्ति धार्मिक या सांस्कृतिक वजह से चेहरा ढकता है, तो सिर्फ इसी वजह से उसे कानून तोड़ने वाला नहीं माना जाएगा। मामले की परिस्थितियों को भी देखा जाएगा। अब मेलोनी सरकार स्कूलों में बुर्का और नकाब पर अलग से रोक लगाने की तैयारी कर रही है। सरकार की मंजूरी के बाद प्रस्ताव को कानून बनाने के लिए संसद में भेजा जाएगा। इसे 60 दिनों के भीतर संसद से मंजूरी मिलना जरूरी होगा।
इटली में मेलोनी से भी ज्यादा दक्षिणपंथी नेता की एंट्री
इटली में अगले साल 2027 में आम चुनाव होने हैं। इमिग्रेशन यानी दूसरे देशों से आने वाले लोगों का मुद्दा वहां पहले से ही बड़ा राजनीतिक मुद्दा है। मेलोनी की पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली (FdI) को अब नेशनल फ्यूचर (FN) से चुनौती मिल रही है। यह पार्टी मेलोनी की पार्टी से भी ज्यादा सख्त इमिग्रेशन नीति की मांग करती है। FN ने इसी साल जुलाई में स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगाने की मांग की थी। यानी जिस मुद्दे पर अब मेलोनी सरकार कानून लाने जा रही है, उस पर उनसे भी ज्यादा सख्त रुख रखने वाली पार्टी पहले ही दबाव बना रही थी।
यूरोपीय अदालत ने बुर्का पर बैन को सही ठहराया
यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स फ्रांस और बेल्जियम में सार्वजनिक जगहों पर बुर्का-नकाब पर रोक को सही ठहरा चुका है। फ्रांस में 2014 और बेल्जियम में 2017 के फैसले में अदालत ने कहा था कि लोगों के बीच मेलजोल बनाए रखना ऐसी रोक का आधार हो सकता है। मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र ने इसका विरोध किया है।
इटली के स्कूलों में 9.3 लाख विदेशी छात्र
रिसर्च इंस्टीट्यूट फोंडाजियोने ISMU के मुताबिक, इटली के स्कूलों में करीब 9.3 लाख ऐसे छात्र पढ़ते हैं, जिनके पास इटली की नागरिकता नहीं है। यानी स्कूलों में पढ़ने वाले हर 100 छात्रों में करीब 12 विदेशी नागरिकता वाले हैं। इन बच्चों की संख्या के बावजूद, इटली में विदेशी नाबालिगों की कुल आबादी पिछले 10 साल में करीब 4.5% कम हुई है। यह आंकड़ा बताता है कि देश में विदेशी नागरिकता वाले बच्चों की कुल संख्या में कमी आई है।

