पत्थर-पेट्रोल बम फेंके; शेख हसीना के इवेंट में शामिल होने से कट्टरपंथी नाराज थे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
ढाका, 06 अगस्त 2026। बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेटर और अवामी लीग के पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के मगुरा शहर में बने घर पर हमला हुआ है। यह घटना पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाकिब के शामिल होने के कुछ घंटों बाद हुई। शाकिब के घर पर हमला रात 8.45 से 9 बजे के बीच हुआ। मगुरा सदर पुलिस के अफसर मोहम्मद अब्दुल्ला अल मामून ने बताया कि कुछ उपद्रवियों ने पत्थर फेंके और खिड़कियां तोड़ दीं। हमलावरों ने घर में आग लगाने की कोशिश की। दावा किया जा रहा है कि इसके लिए हमलावर कोल्डड्रिंक की बोतलों में पेट्रोल भरकर लाए थे। हमले के वक्त घर खाली था, इसलिए किसी के घायल होने की खबर नहीं है। शाकिब इस वक्त श्रीलंका में हैं। घटना के बाद पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है।
हसीना की वर्चुअल मीटिंग में शामिल हुए थे शाकिब
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दो साल बाद बुधवार शाम करीब 6.45 बजे को लोगों को वर्चुअली संबोधित किया। जब हसीना बोल रही थीं, उस दौरान उनका कैमरा बंद था। हसीना ने 25 मिनट भाषण दिया। इस दौरान शाकिब अल हसन, शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय, पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी भी मौजूद थे। हालांकि इस शाकिब ने इस दौरान भाषण नहीं दिया। शाकिब जनवरी 2024 में अवामी लीग के टिकट पर सांसद चुने गए थे। लेकिन छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद से वह बांग्लादेश से बाहर हैं। फिलहाल वह अपने परिवार के साथ अमेरिका में रह रहे हैं और दुनिया की अलग-अलग फ्रेंचाइजी लीग में क्रिकेट खेल रहे हैं।
सांसद बनने के बाद भी क्रिकेट खेलते रहे शाकिब
शाकिब ने सांसद बनने के बाद भी क्रिकेट खेलना नहीं छोड़ा है। अगस्त 2024 में जब बांग्लादेश में बगावत शुरू हुई, तब भी शाकिब की आलोचना हुई थी। सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ शुरू हुए छात्र आंदोलन के दौरान शाकिब पर आरोप लगे कि उन्होंने अवामी लीग के सांसद होने के कारण चुप्पी साधे रखी। हसीना सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश में अवामी लीग नेताओं और सांसदों के घरों पर कई जगह हमले हुए। इनमें शाकिब का मगुरा वाला घर भी शामिल था। तब भी वे घर पर मौजूद नहीं थे।
शेख हसीना की तरह ही शाकिब पर भी हत्या का केस दर्ज
शाकिब अल हसन के खिलाफ हत्या, गबन, धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई मामलों की जांच चल रही है। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए। इनमें सबसे चर्चित मामला छात्र आंदोलन के दौरान एक व्यक्ति की मौत से जुड़ा है। 5 अगस्त को मोहम्मद रुबेल नाम के एक गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी की अडाबोर इलाके में मौत हो गई थी। इसके बाद रुबेल के पिता रफीकुल इस्लाम ने शेख हसीना और शाकिब अल-हसन समेत 156 लोगों पर हत्या का मामला दर्ज कराया था। शिकायत में कहा गया है कि नामजद नेताओं और सांसदों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आदेश और उकसावे पर प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी हुई, जिसमें रुबेल की मौत हुई। शाकिब उस समय बांग्लादेश में नहीं थे और सरकार गिरने के बाद से लगातार विदेश में रह रहे हैं। इसी वजह से बांग्लादेश पुलिस अब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

