कांग्रेस का सेबी अध्यक्ष पर बड़ा हमला; कहा- एक साथ तीन जगहों से तनख्वाह ले रही थीं माधवी पुरी बुच

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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

नई दिल्ली 02 सितंबर 2024। अदाणी समूह पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाने वाली निवेश रिसर्च कंपनी हिंडनबर्ग के सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच पर लगाए गए आरोपों के बाद सियासत तेज है। अब कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सेबी की चेयर पर्सन माधवी पुरी बुच पर नए आरोप लगाए हैं। पवन खेड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए आरोपों के साथ ही कई सवाल भी किए हैं। उन्होंने पूछा कि सेबी की चेयरमैन रहते हुए भी माधवी पुरी बुच आईसीआईसीआई बैंक से कैसे और क्यों तनख्वाह ले रही थीं? पवन खेड़ा ने दावा किया कि माधवी ने 2017 से 2024 तक 16.80 करोड़ रुपये लिए हैं। इसके साथ ही पवन खेड़ा ने दावा किया कि माधवी पुरी बुच एक साथ तीन जगहों से वेतन ले रही थीं। इसमें ICICI बैंक, ICICI प्रुडेंशियल और SEBI शामिल है। 

पवन खेड़ा ने किए बड़े-बड़े दावे
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार-प्रसार प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि देश में इस समय शतरंज का खेल जारी है। इस खेल का असली खिलाड़ी कौन है, इस पर अभी हम कोई अंतिम निर्णय नहीं ले पाए हैं, इसके मोहरे अलग-अलग हैं। ऐसे ही एक मोहरा माधवी पुरी बुच हैं। 

आईसीआईसीआई बैंक से आय पर भी सवाल किए
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आगे कहा कि माधवी पुरी सेबी की सदस्य थी, बाद में वे सेबी की चेयरपर्सन बनी। वे 2017 से 2024 तक आईसीआईसीआई  बैंक से नियमित आय ले रही थीं। खेड़ा ने यह भी कहा कि ईशॉप पर जो टीडीएस था वो भी यही बैंक दे रही थी। यह खुले तौर पर सेबी का के नियमों का उल्लंघन है। खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर उनके भीतर थोड़ी भी शर्म है तो इस्तीफा दें। पवन खेड़ा ने कहा कि सेबी की भूमिका शेयर बाजार को विनियमित करना है जहां हम सभी अपना पैसा निवेश करते हैं। इसकी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। सेबी के अध्यक्ष की नियुक्ति कौन करता है? यह कैबिनेट की नियुक्ति समिति है। प्रधानमंत्री हैं और गृहमंत्री अमित शाह सेबी के अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए इस समिति में दो सदस्य हैं। खेड़ा ने कहा कि सेबी अध्यक्ष माधबी पुरी बुच ने 2017 से 2014 के बीच आईसीआईसीआई बैंक से 16 करोड़ 80 लाख रुपये की नियमित आय ली। आप उस दौरान सेबी की पूर्णकालिक सदस्य भी थीं। फिर आप आईसीआईसीआई से वेतन क्यों ले रही थीं? 

हिंडनबर्ग ने भी लगाए थे आरोप
गौरतलब है कि इससे पहले, अदाणी समूह पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाने वाली निवेश रिसर्च कंपनी हिंडनबर्ग ने   दावा किया था कि सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच की मॉरीशस की ऑफशोर कंपनी ‘ग्लोबल डायनामिक ऑपर्चुनिटी फंड’ में हिस्सेदारी है। हिंडनबर्ग ने दावा किया है कि इसी कंपनी में गौतम अदाणी के भाई विनोद अदाणी ने अरबों डॉलर का निवेश किया है। आरोप है कि इस पैसे का इस्तेमाल ही शेयरों के दामों में तेजी लाने के लिए किया गया। फिलहाल इन आरोपों पर सेबी की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हिंडनबर्ग का आरोप है कि अदाणी मामले की जांच का जिम्मा सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच पर ही था, जबकि उन्हीं की कंपनी में विनोद अदाणी ने भारी-भरकम निवेश किया था।  

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