एक क्लिक में मिलेगी भरोसेमंद जानकारी

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली, 02 नवंबर 2026। कैंसर वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है, इससे हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक इससे हर साल लगभग 10 मिलियन (एक करोड़) लोगों की मौत होती है और सालाना दो करोड़ से अधिक नए मामले सामने आते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को कैंसर के खतरों को लेकर अलर्ट कर रहे हैं। महिला हो या पुरुष, यहां तक कि बच्चों में भी कई प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ता हुआ देखा जा रहा है।
जब बात महिलाओं में कैंसर की हो तो विशेषज्ञ सभी लोगों को और भी अलर्ट रहने की सलाह देते हैं। महिलाओं में ब्रेस्ट-सर्वाइकल कैंसर के मामले सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर को लेकर सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि ज्यादातर मामलों में इसका शुरुआती चरणों में निदान नहीं हो पाता है, आमतौर पर कैंसर का पता तब चलता है जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है। इस तरह के जोखिमों को कम करने में एआई चैटबॉट काफी मददगार हो सकता है।
हाल ही में विशेषज्ञों की टीम ने एक नया एआई चैटबॉट लॉन्च किया है, दावा किया जा रहा है कि ये मिनटों में महिलाओं में लक्षणों को देखकर कैंसर का निदान करने मदद कर सकता है।
महिलाओं में कैंसर का पता लगाने वाला नया एआई चैटबॉट
ब्रिटेन की एक जांच में सामने आया कि अब तक के तमाम लोकप्रिय एआई टूल्स महिलाओं के कैंसर से जुड़े कई अहम लक्षणों को पहचानने में चूक रहे हैं। यहां तक कि एक मामले में एआई ने ओवरी कैंसर के एकचेतावनी संकेत को भी सामान्य पेट की समस्या बता दिया गया। ऐसी गलतियों से महिलाओं की जान को खतरा हो सकता है।
इसी समस्या को देखते हुए ब्रिटेन की प्रमुख महिला कैंसर चैरिटी ‘द ईव अपील’ ने अपना नया एआई चैटबॉट ‘आस्क ईव एसिस्ट’ (Ask Eve Assist) लॉन्च किया है। दावा किया जा रहा है कि ये मिनटों में पांच तरह के महिलाओं से संबंधी कैंसर के संकेतों को पहचानने और जरूरत पड़ने पर समय रहते उन्हें विशेषज्ञ तक पहुंचने में मदद करेगा।
यह टूल महिलाओं के लक्षणों का विश्लेषण करता है और बताता है कि कहीं उनमें गर्भाशय, ओवरी, सर्विक्स, महिला के बाहरी जननांग या योनि के कैंसर का खतरा तो नहीं है?
एआई कर रहा था गलतियां
गौरतलब है कि पिछले साल द ईव अपील ने गूगल के एआई ओवरव्यू फीचर की जांच की थी। यह फीचर गूगल पर सर्च करने पर अलग-अलग वेबसाइटों की जानकारी को मिलाकर उसका सार दिखाता है। चैरिटी ने अपनी जांच में पाया कि इस फीचर ने सर्विक्स की स्क्रीनिंग को लेकर बिल्कुल गलत जानकारी दी थी।
- इस साल की शुरुआत में चैरिटी ने दुनिया के सबसे लोकप्रिय एआई सॉफ्टवेयर चैटजीपीटी की भी जांच की थी। इसमें दावा किया गया कि चैटबॉट ओवरी कैंसर के एक बेहद जरूरी चेतावनी संकेत को पहचानने में चूक गया।
गलत जानकारी से बचाने में मदद करेगा ये एआई टूल
इन कमियों को देखते हुए अब चैरिटी ने अपना एआई टूल- आस्क ईव एसिस्ट लॉन्च किया है। यह भी एआई तकनीक पर आधारित है, लेकिन इसे तैयार करने में विशेषज्ञों की मदद से सत्यापित और भरोसेमंद जानकारियों का इस्तेमाल किया गया है। इसका मकसद महिलाओं को सही स्वास्थ्य संबंधी सलाह देना और इंटरनेट पर मौजूद अधूरी या गलत जानकारी के भटकाव से बचाना है।
- सबसे खास बात ये है कि अगर किसी महिला के लक्षण चिंता पैदा करने वाले हैं, तो यह टूल उसे चैरिटी की विशेषज्ञों से संपर्क करने का रास्ता भी बताएगा।
चैरिटी की प्रमुख नर्स हेलेन हाइंडमैन कहती हैं, एक नर्स के तौर पर एआई बढ़ती मांग के बीच सबसे मुश्किल बात यह समझना था कि कई लोगों को सामान्य सलाह से कहीं ज्यादा मदद की जरूरत थी, लेकिन हमारे पास उन्हें पर्याप्त समय देने के संसाधन नहीं थे। नया चैटबॉट इस दबाव को कम करने में हमारी मदद करेगा ।
यह सामान्य सवालों के जवाब सुरक्षित तरीके से दे सकता है। इससे हम उन महिलाओं को ज्यादा समय दे पा रहे हैं, जिन्हें विशेषज्ञ देखभाल की जरूरत है।
लोगों पर किए गए टेस्ट में क्या पता चला?
चैरिटी के मुताबिक, इस नए एाई टूल को उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सत्यापित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। लॉन्च से पहले 359 लोगों ने इसका इस्तेमाल करके परीक्षण किया था। टूल का इस्तेमाल करने वाले हर 20 में से एक व्यक्ति को आगे विशेषज्ञ नर्सों की मदद की जरूरत पड़ी। ऐसे मामलों में उन्हें नर्सों से संपर्क करने की सलाह दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि महिलाएं द ईव अपील की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इस एआई टूल का इस्तेमाल कर सकती हैं। Ask Question वाले सेक्शन पर जाकर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
गर्भाशय के कैंसर से जूझ रहीं और आस्क ईवी सेवा का इस्तेमाल कर चुकीं जेम्मा विल्सन कहती हैं, अगर मेरे कैंसर का पता चलने के समय यह टूल उपलब्ध होता, तो मेरे लिए बहुत मददगार साबित होता।


