फ्रांस में हिंसा बेकाबू: सड़कों पर उतरे लाखों लोग

admin
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर          

पेरिस, 18 अक्टूबर 2026। फ्रांस समेत यूरोप के कई देशों में बढ़ती महंगाई, कम वेतन और सार्वजनिक सेवाओं की बदहाल स्थिति के खिलाफ शनिवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। फ्रांस, बेल्जियम, इटली और पुर्तगाल में लाखों लोग सड़कों पर उतरे। कई शहरों में प्रदर्शन हिंसक हो गए। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस और बल प्रयोग किया, जबकि कई जगह दुकानों में लूटपाट और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।

फ्रांस में करीब 5.5 लाख लोगों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने स्कूलों की स्थिति, ईंधन की बढ़ती कीमतों और जीवनयापन की लागत को लेकर नाराजगी जताई। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, पेरिस, मार्सेई, नीस, नांत, बोर्डो, लिमोज, लिली, टूलूज और स्ट्रासबर्ग समेत कई शहरों में दर्जनों दुकानों में लूटपाट हुई।

पेरिस में देर शाम तक जलती रहीं आग की लपटें
पेरिस में देर शाम तक कई जगह आग जलती रही। वीडियो फुटेज में कुछ प्रदर्शनकारी सड़कों पर लगी आग को और भड़काते दिखाई दिए। दंगा नियंत्रण पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस छोड़ी और लाठीचार्ज किया। एक ऐतिहासिक इमारत को भी आग के हवाले किए जाने की खबर सामने आई। वीडियो में 143 साल पुराने फ्रांसीसी स्मारक को आग से क्षतिग्रस्त होते देखा गया। आग के कारण इमारत की छत नीचे की मंजिलों पर गिर गई।

लिमोज में टाउन हॉल का बड़ा हिस्सा नष्ट
लिमोज के स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से बाहरी हिस्से में आग लगाए जाने के बाद टाउन हॉल का करीब दो-तिहाई हिस्सा नष्ट हो गया। अधिकारियों ने इस नुकसान को ऐतिहासिक विरासत के लिए बड़ी त्रासदी बताया। 

प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 195 लोगों को हिरासत में लिया गया। इस बीच, प्रदर्शन से निपटने के प्रशासन के तरीके को लेकर भी आलोचना बढ़ रही है।

पुलिस कार्रवाई पर भी उठे सवाल
इस सप्ताह की शुरुआत में पुलिस कार्रवाई के दौरान 14 साल के एक लड़के का जबड़ा टूट गया था। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिमी फ्रांस के एलेनसों में एक पुलिस अधिकारी को कैमरे में एक लड़की की गर्दन को बांह से जकड़ते हुए देखा गया। खबर के मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई पर अब कानून के तहत रोक है।

ये प्रदर्शन पिछले महीने छात्रों की अगुवाई में हुए आंदोलनों के बाद शुरू हुए थे। समय के साथ इनका दायरा बढ़ा और अब इनमें स्कूलों की खराब स्थिति, महंगाई तथा सरकार की निष्क्रियता को लेकर व्यापक असंतोष भी शामिल हो गया है।

मैक्रों ने हिंसा करने वालों को दी चेतावनी
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को बाधित करने वालों की आलोचना की। उन्होंने शनिवार को कहा कि पुलिस के प्रशासनिक कार्यालयों और कारोबारी प्रतिष्ठानों पर हमला करने तथा टाउन हॉल तक में लूटपाट करने वालों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा और उन्हें सजा दी जाएगी। मैक्रों ने कहा कि अराजकता फैलाने वालों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

बेल्जियम में आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल
प्रदर्शनों की आंच बेल्जियम तक भी पहुंची। राजधानी ब्रसेल्स में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। पुलिस का आरोप था कि प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर वस्तुएं फेंकीं और आगजनी की।
राजधानी के पूर्व में स्थित लीज शहर में भी पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, पुलिस ने वहां प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या का अनुमान नहीं बताया। 

Leave a Reply

Next Post

कंसास में फुटबॉल मैच के दौरान मैदान में घुसी कार

शेयर करेबच्चे समेत दो की मौत, हिरासत में वाहन चालक छत्तीसगढ़ रिपोर्टर           कंसास, 18 अक्टूबर 2026। अमेरिका के कंसास राज्य के विचिटा शहर में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में फुटबॉल मैच के दौरान कार मैदान पर घुस गई। इस घटना में एक बच्चे समेत दो […]

You May Like

अवैध खनन में जेसीबी ऑपरेटर को तीन साल की सजा....|....जंतर-मंतर से गेमिंग की दुनिया तक पहुंचा विरोध-प्रदर्शन....|....परिवार के पांच लोगों की मौत मामले में नया मोड़....|....बहराइच में जंगल से लकड़ी लेने गए वृद्ध को बाघ ने बनाया निवाला....|....प्रदेश में किसानों के बच्चों के लिए दोगुनी हुईं छात्रवृत्ति की सीटें....|....कोलकाता भगदड़ में 19 मौतें, 5 ICU में भर्ती....|....प्रियंका चोपड़ा: एनुअल एकेडमी म्यूजियम गाला पहुंचीं अभिनेत्री....|....शुगर के मरीजों को फल खाने से डरने की जरूरत नहीं....|....इंटर मियामी की जीत में चमके लियोनल मेसी....|....कंसास में फुटबॉल मैच के दौरान मैदान में घुसी कार