सीएम से मिले प्रतिनिधि, बोले-13% होल्ड पदों पर राहत दें

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
भोपाल, 16 अथ्टूबर 2026। मध्यप्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। हाईकोर्ट के हालिया फैसले के बाद ओबीसी प्रतिनिधियों, प्रकरण के याचिकाकर्ताओं और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने आरक्षण की बहाली के लिए सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी करने, ओबीसी वर्ग की स्थिति से जुड़े नए आंकड़े जुटाने और कानूनी विकल्पों पर आगे बढ़ने की मांग रखी। साथ ही प्रतिनिधियों ने कहा कि केवल अपील दायर करने के बजाय अदालत के फैसले में उठाए गए कानूनी और तथ्यात्मक सवालों का समाधान भी जरूरी है। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ यादव ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना तथा सामाजिक समरसता, समावेशी विकास और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी की मांग
प्रतिनिधियों ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं और संविधान विशेषज्ञों का पैनल बनाकर अपील करने का सुझाव दिया। साथ ही ओबीसी वर्ग की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति तथा सरकारी सेवाओं में प्रतिनिधित्व का नया सर्वे कराने की मांग की। इसके लिए विशेषज्ञ समिति या सक्षम आयोग गठित करने और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से नियमानुसार परामर्श लेने का सुझाव भी दिया गया। ओबीसी प्रतिनिधियों ने नए आंकड़ों के आधार पर अध्यादेश या विधायी प्रस्ताव तैयार करने की संभावना पर विचार करने को कहा।
13% होल्ड वाले अभ्यर्थियों को राहत देने की मांग
बैठक में 13% होल्ड पर रखे गए पदों से प्रभावित अभ्यर्थियों का मुद्दा भी उठा। ओबीसी महासभा ने उपलब्ध रिक्तियों की समीक्षा कर प्रभावित उम्मीदवारों के समायोजन की संभावना तलाशने और जरूरत पड़ने पर नियमों व न्यायालय के आदेशों के अनुरूप अतिरिक्त पदों पर विचार करने की मांग की। महासभा के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य लोकेंद्र गुर्जर ने कहा कि सरकार स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना बनाए। संगठन ने कानूनी संघर्ष के साथ चरणबद्ध आंदोलन जारी रखने की बात कही।
हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 27% ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामले में 2019 के प्रावधान को निरस्त कर दिया। इसमें राज्य में ओबीसी आरक्षण की सीमा 14% ही रहेगी। फैसले में 13% अतिरिक्त आरक्षण से जुड़े होल्ड पदों पर तीन माह में अनारिक्षित अभ्यर्थियों से भरने के निर्देश दिए हैं। बता दें वर्ष 2022 से 2026 के बीच हुई सरकारी भर्तियों में ओबीसी आरक्षण के अतिरिक्त 13 प्रतिशत पद होल्ड रखकर परिणाम जारी किए जा रहे थे। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद इन पदों को लेकर भी स्थिति बदल गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फैसले में इन पदों को अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों से आगामी तीन महीने में भरने के निर्देश दिए गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के विधायक इस फैसले पर अंतरिम रोक लगवाने के लिए जल्द सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। वहीं, सरकार भी एसएलपी लगाएंगी।


