गावस्कर ने बताई टीम इंडिया की सबसे बड़ी कमजोरी

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026। हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 24 रन से मिली हार के बाद भारतीय टीम की बल्लेबाजी पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि भारतीय बल्लेबाजों को लक्ष्य का पीछा करते समय अधिक जिम्मेदारी निभानी होगी। संजू सैमसन की शानदार शुरुआत के बावजूद भारतीय टीम 248 रन के लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। गावस्कर ने अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और श्रेयस अय्यर के प्रदर्शन पर भी अपनी राय रखी।
लक्ष्य का पीछा करने में कहां चूक रहा भारत?
गावस्कर के अनुसार, भारतीय टीम को सबसे पहले लक्ष्य का पीछा करने के अपने तरीके में सुधार करना होगा। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेकर खेलना होगा, तभी टीम को सफलता मिल सकती है। गावस्कर ने जियोस्टार से कहा, ‘भारतीय टीम को सबसे पहले लक्ष्य का पीछा करने के अपने तरीके में सुधार करना होगा। भारतीय बल्लेबाजों को अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी। अगर बल्लेबाज जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे तो भारतीय टीम को सफलता नहीं मिलेगी।’
उन्होंने लगातार दो टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम से उसी अंदाज में दबदबा बनाने की उम्मीद जताई। गावस्कर ने कहा, ‘भारतीय बल्लेबाजों को इस तरह से दबदबा बनाना होगा जैसा कि लगातार दो टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम को करना चाहिए लेकिन इस मैच में इसकी जरा सी भी झलक देखने को नहीं मिली।’
सैमसन ने दी शानदार शुरुआत, फिर क्यों बिखरा भारत?
भारतीय टीम को संजू सैमसन ने तेज अर्धशतक लगाकर अच्छी शुरुआत दिलाई थी। उन्होंने 56 रन बनाए, लेकिन दूसरे छोर से बल्लेबाज इस शुरुआत का फायदा नहीं उठा सके। गावस्कर ने इसी बात पर निराशा जताई। उन्होंने कहा, ‘संजू ने भारत को शानदार शुरुआत दी, लेकिन बाकी बल्लेबाज इसका बिल्कुल भी फायदा नहीं उठा पाए। अभिषेक शर्मा ने खराब पारी खेली। उनके स्तर के हिसाब से यह स्वीकार्य नहीं है। ईशान किशन भी कीमो पॉल के जाल में पूरी तरह फंस गए। श्रेयस अय्यर शतक बनाने के बाद लय बरकरार नहीं रख पाए हैं।’ गावस्कर की इस टिप्पणी से साफ है कि उनके अनुसार, बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय सिर्फ एक या दो बल्लेबाजों का योगदान पर्याप्त नहीं है। शीर्ष क्रम के सभी बल्लेबाजों को अपनी भूमिका निभानी होगी।
गेंदबाजों को दोष देना सही नहीं: गावस्कर
वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट पर 247 रन बनाए। हालांकि, गावस्कर ने भारतीय गेंदबाजों को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराने से परहेज किया। उनका मानना है कि टीम के गेंदबाज अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभव हासिल कर रहे हैं और इस तरह के मुकाबलों से उन्हें सीखने का मौका मिलेगा। गावस्कर ने कहा, ‘मैं जानता हूं कि गेंदबाजी खराब रही है, लेकिन ये गेंदबाज अनुभवी नहीं हैं। वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नए हैं और उन्हें इसी तरह से सीख मिलेगी।’
शाई होप भारत के लिए क्यों बन रहे हैं परेशानी?
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने चौथे टी20 में सीरीज का अपना दूसरा शतक लगाया और टीम की जीत की नींव रखी। भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भी उनकी बल्लेबाजी की तारीफ की। पुजारा के अनुसार, होप जोखिम कम लेते हुए तेजी से रन बनाने में सफल रहे हैं। पुजारा ने कहा, ‘सीमित ओवरों की इस सीरीज में होप भारत के लिए बड़ा सरदर्द रहे हैं। उनकी विशेषता यह है कि वह अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा करते हैं और मौके का फायदा उठाते हैं। यही कारण है कि वे ज्यादा जोखिम उठाए बिना इतनी तेजी से रन बनाते हैं।’ भारत के लिए अब चुनौती अपनी बल्लेबाजी की गलतियों को सुधारने और होप जैसे फॉर्म में चल रहे बल्लेबाजों के खिलाफ बेहतर रणनीति बनाने की होगी।

