
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
हापुड़ 10 मई 2026। हापुड़ के साठा चौरासी क्षेत्र में महाराणा प्रताप जयंती की शोभायात्रा के समापन के बाद गांव देहरा में पुलिस की मौजूदगी में हालात बिगड़ गए। ड्रोन और फोर्स तैनात होने के बावजूद करीब 20 मिनट तक जमकर पथराव हुआ। उपद्रवी घरों की छतों पर चढ़ गए और दुकानों में घुसकर तोड़फोड़ की। ग्रामीणों ने महिलाओं से अभद्रता और मारपीट का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने मौके से 30 से अधिक बाइकें जब्त की हैं। घटना में एक दरोगा समेत सात लोग घायल हुए हैं। पुलिस वीडियो और पूछताछ के आधार पर उपद्रवियों को चिह्नित कर रही है। परंपरा के अनुसार, साठा चौरासी क्षेत्र में तीन मुख्य शोभायात्राएं निकलती हैं।
गांव देहरा में महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पगड़ी चढ़ाकर समापन होता है। शनिवार को समापन के बाद गुटका लेने को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। भीड़ बेकाबू हो गई और दोनों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई। मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। पत्थर लगने से एक दरोगा घायल हो गए। कुछ युवक ग्रामीणों की छतों पर चढ़ गए। एक युवक छत से गिरा तो भीड़ ने उसे बुरी तरह पीट दिया। वह गंभीर रूप से घायल है। वायरल वीडियो में युवक खुद को बचाता नजर आ रहा है। कुछ घरों में घुसकर भी तोड़फोड़ की गई।
देर रात तक डटे रहे अधिकारी
घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। एडीजी भानू भास्कर के अलावा डीआईजी कलानिधि नैथानी भी मौके पर पहुंचे। देर रात तक सभी अधिकारी धौलाना थाने में डटे रहे। पुलिस जब्त वीडियो और पूछताछ के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है।
लाठीचार्ज कर खदेड़े उपद्रवी
हंगामा बढ़ने पर गांव देहरा के ग्रामीण भी जुटने लगे। पुलिस ने लाठियां चलाकर उपद्रवियों को खदेड़ा। हैरानी की बात यह है कि घटना के दौरान पुलिस का ड्रोन निगरानी कर रहा था, फिर भी बवाल हो गया। कई युवक बाइकें छोड़कर भाग गए। पुलिस ने सभी वाहन जब्त कर लिए हैं। शोभायात्रा में शामिल लोगों का आरोप है कि हमला सुनियोजित था और छतों पर पहले से पत्थर रखे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर बिंदु पर जांच हो रही है।
एक पक्ष की ओर से आई तहरीर
गांव कंदौला निवासी विनोद कुमार ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि शनिवार की दोपहर तीन बजे गांव देहरा स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वापस लौट रहे थे। इस दौरान एक व्यक्ति की दुकान पर कुछ लोगों की कहासुनी हो रही थी। इसी बीच, कुछ युवकों ने मकानों की छतों से पथराव शुरू कर दिया। पथराव में कई लोग घायल हो गए। गांव के कुछ लोगों ने लाठी डंडों से उन पर हमला बोल दिया। जिसमें कई लोग घायल हो गए।
अधिकारियों को जिला न छोड़ने के निर्देश
घटना के बाद प्रशासन चौकन्ना है। सूत्रों की मानें तो देर शाम क्षेत्र में इंटरनेट बंद करने की भी योजना थी, लेकिन हालात काबू में होने के कारण ऐसा नहीं किया गया। इसके अलावा क्षेत्र में मजिस्ट्रेट आदि तैनात किए जा रहे हैं, ताकि आने वाले दिनों में किसी प्रकार का बवाल न हो। इसके साथ ही जिले के अधिकारियों को अगले आदेश तक जिला न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस सोशल मीडिया पर नजर बनाए हुए है। डीएम कविता मीना ने बताया कि फिलहाल इंटरनेट बंद करने की कोई योजना नहीं है। हालात नियंत्रण में हैं और हर पहलू पर गंभीरता से नजर रखी जा रही है।

