ज्ञान और गति की दुर्गति के बाद संकल्प का नया जुमला बजट – दीपक बैज

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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

रायपुर 25 फरवरी 2026। बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि ज्ञान गति की असफलता के बाद संकल्प का नया जुमला वित्त मंत्री ने फेंका है। यह बजट भी जनता को निराश करने वाला बजट है। वित्त मंत्री हाई स्कूल के बच्चे के समान कल्पनाओं में डूबते नज़र आये। इनका बजट राज्य की जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आया। उन्होंने अपने बजट भाषण में बस्तर एवं सरगुजा के विकास के सब्जबाग जो दिखाये, लेकिन इन वादों को पूरा करने बजट प्रावधान निराश करने वाले रहे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले बजट में 20 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा वित्त मंत्री ने किया था, इस बजट में वे यह नहीं बताये कि उनमें से कितने की भर्ती हुई? भाजपा ने विधानसभा चुनाव में मोदी की गारंटी के पांच साल में 1 लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन इस बजट में नई नौकरियों के लिए वित्त मंत्री ने कुछ नहीं किया। न नये स्कूल खोलने की बात है, न नये महाविद्यालय खोलने की बात है और न ही कौशल उन्नयन के लिए कुछ है। यही नहीं न नये सिंचाई के बांध बनाने के लिए कुछ है और न ही महिला स्व-सहायता समूहों के रोजगार के लिए कुछ है, न उद्योगों के विकास के लिए कुछ है। रमन सरकार के 15 साल से लेकर साय सरकार के तीन बजट में भाजपा अभी तक केवल मेट्रो ट्रेन का सर्वे ही करवा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि युवाओं को बेरोजगारी भत्ता, छात्राओं को मुफ्त यातायात के वादों पर भी वित्त मंत्री ने कुछ नहीं किया है। उद्योगों के लिए लैंड बैक तैयार करने की घोषणा कर वित्त मंत्री ने किसानों की जमीने जबरिया छीनने की मंशा को स्पष्ट किया है। घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए मात्र 80 करोड़ का प्रावधान बताता है कि साय सरकार 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना भी बंद करने जा रही है। डीएड अभ्यर्थियों की भर्ती, आंगनबाड़ी बहनों और रसोईया संघ के लिए भी बजट में कुछ नहीं है। अनियमित कर्मचारियों की नियमित करने के लिए बजट में कुछ नहीं है। 56 हजार शिक्षकों के खाली पदों को भर्ती करने के लिए बजट में कुछ नहीं है। भर्ती परीक्षा की एजेंसी को मजबूत करने की बात किया गया लेकिन 1 वर्षों में कितनी नौकरियां देंगे इसमें कुछ नहीं है।

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