
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
वर्धा 27 सितंबर 2025। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में हिंदी साहित्य विभाग द्वारा गुरुवार, 25 सितंबर को महादेवी वर्मा सभागार में ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय की वैचारिक विकास यात्रा’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय के राजनीतिक और चिंतक व्यक्तित्व से सब परिचित हैं। पत्रकार और साहित्यकार के रुप में भी उन्होंने भारतीय जनमानस को वैचारिक दृष्टि से समृद्ध किया। उन्होंने पाठकों में वैचारिक सम्पन्नता लाकर देश की सोई हुई एकात्म शक्ति को जागृत कर राष्ट्र के कल्याण की कामना से दो उपन्यासों की भी रचना की। दोनों उपन्यासों में उन्होंने चंद्रगुप्त और शंकराचार्य की सुविदित कथा को उठाया है। अपने एकात्म मानवता के दर्शन के प्रकाश में उसे अपनी ही तरह का एक रचनात्मक कलेवर दे दिया जो पठनीय बन गया। उनका एकात्म मानव दर्शन समाज, परिवार और व्यक्ति के रूप में खंड खंड करके नहीं अपतिु समग्रता में प्रदर्शित होता है जिससे व्यष्टि और समष्टि के बीच का भेद समाप्त हो जाता है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर आयोजित व्याख्यान में मुख्य अतिथि के रूप में हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय, श्रीनगर के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह ने ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचार विश्व को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने मानवी जीवन का संतुलन एवं विकास व्यष्टि से सृष्टि और सृष्टि से परमश्रेष्ठी के प्रवास को लेकर विचार रखे। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्ज्वलन और कुलगीत से किया गया।
कार्यक्रम का स्वागत एवं प्रस्ताविक साहित्य विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार ने किया। संचालन साहित्य विभाग के एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. अशोकनाथ त्रिपाठी ने किया तथा अनुवाद अध्ययन विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. मीरा निचळे ने आभार माना। इस अवसर पर बड़ी संख्या शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्याथी उपस्थित रहे।


