UN महासभा में भी तालिबान और कट्टरता पर बड़ा संदेश देने की तैयारी में PM मोदी, SCO में सुनाई थी खरी-खरी

Chhattisgarh Reporter
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

नई दिल्ली 21 सितम्बर 2021। संयुक्त राष्ट्र की इस सप्ताह होने वाली महासभा में पीएम नरेंद्र मोदी अफगानिस्तान में आए तालिबान के हिंसक शासन का मुद्दा उठा सकते हैं। इससे पहले 17 सितंबर को शंघाई कॉपरेशन ऑर्गनाइजेशन की मीटिंग को संबोधित करते हुए भी पीएम नरेंद्र मोदी ने कट्टरता और हिंसा को लेकर अहम संदेश दिया था। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की मौजूदगी में संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जिस तरह से क्षेत्र में कट्टर ताकतें मजबूत हो रही हैं, उससे शांति, सुरक्षा और विश्वास का माहौल कमजोर हो रहा है। माना जा रहा है कि संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम में भी पीएम नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर बात रखने वाले हैं।

उन्होंने SCO समिट में कहा था कि इस संगठन को भारत में उदार, सहिष्णु और समावेशी विचार वाले इस्लामिक समूहों को साथ लेकर एक अच्छा नेटवर्क बनाना चाहिए। उन्होंने सभी देशों से कट्टरता से निपटने के लिए प्रयास करने की अपील की थी। पीएम नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र की महासभा को संबोधित करने वाले हैं। इस दौरान वह राजनीतिक इस्लाम से लड़ने के उपायों और कट्टर ताकतों का मुकाबला करने के लिए जरूरी चीजों पर बात करेंगे। दरअसल इस्लाम को हथियार बनाकर ही तालिबान जैसी ताकतों ने अफगानिस्तान में कब्जा जमाया है और हिंसक शासन स्थापित किया है।

अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद थी पहली SCO समिट

अफगानिस्तन से अमेरिकी और नाटो सेनाओं की वापसी एवं तालिबान के राज के बाद यह पहली एससीओ समिट थी, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी ने खुलकर आतंकवाद का विरोध किया। तालिबान का राज स्थापित होने के बाद अफगानिस्तान के लोगों के भविष्य और क्षेत्रीय शांति को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अब तक अपनी हरकतों से तालिबान ने एक बार फिर यह साबित किया है कि पहले के मुकाबले वह बहुत ज्यादा बदला नहीं है। पीएम नरेंद्र मोदी ने एससीओ समिट में एक तरफ कट्टरता को लेकर चिंता जाहिर की तो वहीं भारत में इस्लाम की समृद्धि विरासत का भी जिक्र किया था।

SCO में पीएम नरेंद्र मोदी ने की थी इन 5 बिंदुओं पर बात

पीएम नरेंद्र मोदी ने इस दौरान 5 बिंदुओं पर बात की थी। पहला, उन्होंने भारत में इस्लाम के समावेशी, सहिष्णु और दयालु स्वरूप की बात कही। दूसरा, इस्लाम सदियों से इस क्षेत्र का हिस्सा रहा है। तीसरा, उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ जंग को धर्म से अलग देखने और इस्लाम को राजनीतिक इस्तेमाल से बचाने की भी बात कही। चौथा, उन्होंने भारत और पश्चिम एशिया के बीच पुराने आध्यात्मिक संबंधों का भी जिक्र किया। पांचवां, उन्होंने सभ्यताओं के संघर्ष की बात से भी इनकार किया। 

Leave a Reply

Next Post

एस्ट्राजेनेका को मान्यता कोविशील्ड को नहीं; ब्रिटेन के नए कोविड-19 ट्रैवल नियमों पर विवाद, भारत संग भेदभाव के आरोप

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर नई दिल्ली 21 सितम्बर 2021। ब्रिटेन ने अपने कोविड-19 यातायात नियमों में बदलाव किए हैं लेकिन इसके साथ ही एक नए विवाद को जन्म भी दे दिया है। ब्रिटेन पर आरोप लग रहे हैं कि वह भारत के साथ भेदभा कर रहा है। ब्रिटेन सरकार पर […]

You May Like

'कुछ लोग निराशावादी ही हैं, भारत को नीचा दिखाना चाहते हैं', पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर बोला हमला....|....दिल्ली होटल अग्निकांड: 21 मौतों के मामले में होटल का रसोइया गिरफ्तार, मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज....|....ईद मनाने निकले लेकिन...:सहारा रेगिस्तान में फंस गया ट्रक, 49 लोगों की तड़प-तड़प कर मौत....|....महागठबंधन में दरार! झामुमो ने बदली रणनीति, अब राज्यसभा की दोनों सीटों पर उतारेगी अपने उम्मीदवार....|....इबोला को लेकर छत्तीसगढ़ अलर्ट: स्वास्थ्य मंत्री बोले- क्वारंटाइन किए गए लोगों में नहीं मिले संक्रमण के लक्षण....|....पंजाब में भीषण सड़क हादसा: ट्रॉला और पिकअप में जबरदस्त टक्कर, डेरा ब्यास जा रहे आठ श्रद्धालुओं की मौत....|....35 सेकंड में युवती का कत्ल: ऑफिस में युवक ने किए 30 वार, एकतरफा प्यार और हत्या में परिवार के दावे से नया मोड़....|....'कूटनीति से ही समाधान संभव': यूएन से सम्मानित मेजर अभिलाषा का शांति संदेश, लेबनान के पुनर्निर्माण की बताई जरूरत....|....राष्ट्रीय स्तर पर 3% गिरावट के बीच यूपी का शानदार प्रदर्शन, जीएसटी संग्रह में 13% बढ़ोतरी, देश में नंबर वन....|....सुरक्षा कटौती पर बिहार में रार: पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने आवास से सुरक्षाकर्मियों को लौटाया; अपमान का लगाया आरोप