
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
बोस्टन 30 जून 2026। चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी का फीफा विश्व कप 2026 अभियान राउंड ऑफ 32 में समाप्त हो गया। 120 मिनट तक 1-1 की बराबरी के बाद पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से जीत दर्ज कर प्री क्वार्टर फाइनल यानी अंतिम-16 में जगह बना ली। जर्मनी की टीम चार बार की चैंपियन रह चुकी है। उसने 1954, 1974, 1990 और 2014 में खिताब जीता था। गुस्तावो अल्फारो की टीम ने पूरे मैच में शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन किया और जर्मनी के आक्रामक खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। गेंद पर अधिकांश समय जर्मनी का कब्जा रहा, लेकिन लेरॉय साने, फ्लोरियन विर्ट्ज और काई हैवर्ट्ज लगातार पराग्वे की मजबूत डिफेंस और गोलकीपर ऑरलैंडो गिल के सामने बेअसर रहे।
पहले हाफ में एनसिसो ने दिलाई बढ़त
पहले हाफ के अंतिम मिनटों में पराग्वे ने अपने गिने-चुने कॉर्नर में से एक का बेहतरीन फायदा उठाया। कॉर्नर पर मैनुअल नोयर ने गेंद को मुक्का मारकर दूर किया, लेकिन पराग्वे ने दोबारा गेंद पर कब्जा जमा लिया। इसके बाद मटियास गलार्सा ने शानदार क्रॉस दिया, जिस पर बिना किसी दबाव के मौजूद जूलियो एनसिसो ने शानदार हेडर लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
हैवर्ट्ज ने कराई वापसी, लेकिन जर्मनी जीत नहीं दिला सका
दूसरे हाफ में जर्मनी कहीं अधिक आक्रामक अंदाज में उतरा और 54वें मिनट में बराबरी हासिल कर ली। फ्लोरियन विर्ट्ज के बाएं फ्लैंक से आए सटीक क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने हेडर लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद जर्मनी लगातार विजयी गोल की तलाश में हमले करता रहा, जबकि पराग्वे धीरे-धीरे अपनी पूरी टीम को रक्षात्मक मोर्चे पर ले आया और जवाबी हमले के मौके का इंतजार करता रहा। हालांकि, उसे ऐसा कोई बड़ा मौका नहीं मिला।
रद्द हुआ जर्मनी का विजयी गोल, मुकाबला पहुंचा पेनल्टी तक
जर्मनी के कोच जूलियन नागेल्समान ने पेनल्टी से बचने के लिए अपने सभी आक्रामक खिलाड़ियों को मैदान पर उतार दिया। अतिरिक्त समय में जोनाथन ताह ने गोल भी कर दिया था, लेकिन वॉल्डेमार एंटोन द्वारा ऑरलैंडो गिल पर फाउल किए जाने के कारण रेफरी ने गोल रद्द कर दिया। 120 मिनट के बाद भी स्कोर 1-1 रहा और मुकाबले का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ।
पेनल्टी शूटआउट में पराग्वे ने दिखाई मजबूती
जर्मनी ने अपने घरेलू समर्थकों के सामने पहले पेनल्टी लेने का फैसला किया, लेकिन शुरुआत ही खराब रही। पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने काई हैवर्ट्ज की पहली पेनल्टी बचा ली। इसके बाद दोनों टीमों के बीच गोल और चूक का सिलसिला चलता रहा। आखिर में जोसे कनाले ने बेहद शांत अंदाज में निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलकर पराग्वे को 4-3 से ऐतिहासिक जीत दिला दी। अब दक्षिण अमेरिकी टीम चार जुलाई को राउंड ऑफ-16 में फिलाडेल्फिया में फ्रांस और स्वीडन के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता से भिड़ेगी।


