‘2014 से पहले मर्यादा थी, अब सिर्फ नफरत’

admin
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर  

जलगांव, 30 अगस्त 2026। महाराष्ट्र की राजनीति में कभी प्रमुख स्थान रखने वाले वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने राज्य के बिगड़ते राजनीतिक माहौल पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अपने 75वें जन्मदिन के मौके पर जलगांव में समर्थकों को संबोधित करते हुए खडसे ने कहा कि राजनीति का मतलब केवल सत्ता हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें आपसी रिश्तों और सामाजिक सौहार्द की हिफाजत जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साल 2014 से पहले की राजनीति में वैचारिक मतभेदों के बावजूद एक-दूसरे के प्रति सम्मान और मर्यादा बनी रहती थी।

2014 से पहले का दौर और आज का अंतर
खडसे ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि 2014 से पहले महाराष्ट्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक बेहतरीन और सौहार्दपूर्ण रिश्ता हुआ करता था। नेता एक-दूसरे की आलोचना तो करते थे, लेकिन बात कभी व्यक्तिगत दुश्मनी तक नहीं पहुंचती थी। उन्होंने प्रमोद महाजन और गोपीनाथ मुंडे जैसे दिग्गजों का जिक्र करते हुए कहा कि उन नेताओं ने विपक्ष में रहते हुए भी कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखा और कड़ी मेहनत से पार्टी खड़ी की। खडसे के मुताबिक, आज जिस तरह निजी रिश्ते टूट रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है।

शरद पवार और अठावले ने की खडसे की तारीफ
कार्यक्रम में मौजूद एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने खडसे को जनाधार वाला नेता बताते हुए कहा कि जलगांव और पूरे महाराष्ट्र के लिए उनका योगदान अतुलनीय है। पवार ने याद दिलाया कि कैसे खडसे और मुंडे ने भाजपा का जनाधार बढ़ाने के लिए जमीन पर पसीना बहाया था। वहीं केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि राजनीति में कभी स्थायी दुश्मनी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि अगर भाजपा खडसे को शामिल नहीं करती, तो वे उन्हें अपनी पार्टी आरपीआई में ले लेते।

खड़गे ‘शुद्धिकरण’ विवाद
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मंच के तथाकथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला है। प्रियंका ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वास्तव में संविधान का सम्मान करते हैं, तो उन्हें इस कृत्य में शामिल लोगों पर एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

Leave a Reply

Next Post

शीर्ष अदालत में 76 साल से एक भी 'विशिष्ट विधिवेत्ता' नहीं बना जज

शेयर करेजस्टिस भुइयां ने जताया अफसोस छत्तीसगढ़ रिपोर्टर   नई दिल्ली, 30 अगस्त 2026। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्जल भुइयां ने सुप्रीम कोर्ट में ‘विशिष्ट विधिवेत्ताओं’ को जज बनाए जाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि संविधान में इस तरह की नियुक्ति का स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद पिछले […]

You May Like

भारत बनाम वेस्टइंडीज: 248 रन भी नहीं बना पाए भारतीय बल्लेबाज!....|....स्कूल की छत गिरी, 30 की मौत, 40 से ज्यादा घायल....|....'दिव्य दरबार की अनुमति नहीं मिली, तो दूंगा धरना'....|....छत्तीसगढ़ में एग्रीस्टेक की अनिवार्यता खत्म....|....रणथंभौर से कूनो और माधव तक बनेगा वाइल्डलाइफ टूरिज्म सर्किट....|....पिता की हत्या का गवाह बना 10 साल का मासूम....|....सिपाही की संपत्ति देखकर फटी रह गईं अधिकारियों की आंखें....|....हिमाचल में बर्फबारी: चंबा की चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर....|....अंकिता के माता-पिता का दिल्ली में धरना....|....कैबिनेट का फैसला: दिल्ली में 10 साल की औद्योगिक नीति मंजूर