डीएफओ ने ग्रामीणों से की सतर्क रहने की अपील

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 23 अक्टूबर 2026। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले और आसपास के वन क्षेत्रों में विचरण कर रहा 52 हाथियों का दल अब दो समूहों में बंट गया है। हाथियों का एक समूह कोरबा जिले के पसान क्षेत्र के जंगलों में मौजूद है, जबकि दूसरा समूह करीब 10 से 12 हाथियों के साथ मरवाही वन मंडल क्षेत्र में पहुंच गया है। हाथियों का यह दल मरवाही वन परिक्षेत्र के मटियाढांढ बीट अंतर्गत अखरादंड कक्ष क्रमांक 2002 में विचरण कर रहा है। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। वहीं, वन विभाग अलर्ट मोड पर है।
जानकारी के अनुसार, कोरबा जिले के पसान वन परिक्षेत्र में विचरण कर रहा 52 हाथियों का झुंड अब दो समूहों में विभाजित हो गया है। इनमें से करीब 10 से 12 हाथियों का समूह मुख्य झुंड से अलग होकर मरवाही वन मंडल के जंगलों में पहुंच गया है। हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहा है। हाथियों के आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ने की आशंका को ध्यान में रखते हुए वन अमला सतर्कता बरत रहा है। हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग और हाथी मित्र दल सक्रिय हो गया है। टीम जंगल में हाथियों की गतिविधियों की निगरानी कर रही है। वहीं, आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के नजदीक न जाएं, उनका पीछा न करें और उन्हें किसी भी तरह परेशान करने से बचें। विशेष रूप से शाम और रात के समय जंगल की ओर जाने से परहेज करें। हाथियों को देखकर उनके करीब जाने या तस्वीरें लेने का प्रयास करना भी खतरनाक हो सकता है।
मरवाही वन मंडल के वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) श्रीकुमार निशांत ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि हाथियों का दल गांव के आसपास दिखाई दे, तो तत्काल वन विभाग या हाथी मित्र दल को सूचना दें। वन विभाग की टीम संभावित नुकसान को रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है।


