विवाद बढ़ा तो शहबाज ने साझा की पूरी तस्वीर

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
इस्लामाबाद, 01 सितंबर 2026। शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से साझा की गई समूह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई। तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नजर नहीं आ रहे थे। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी की ओर से साझा की गई तस्वीर में शहबाज शरीफ समेत सभी नेता मौजूद थे। बाद में शहबाज शरीफ ने खुद पूरी समूह तस्वीर साझा कर दी। इससे पहले साझा की गई तस्वीर को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय पर सवाल उठने लगे। आखिर किसी देश का प्रधानमंत्री कार्यालय इतनी ओछी हरकत कैसे कर सकता है।
तस्वीर में ऐसा क्या हुआ कि पाकिस्तान पर उठे सवाल?
शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से साझा की गई समूह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई। तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नजर नहीं आ रहे थे। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी की ओर से साझा की गई तस्वीर में शहबाज शरीफ समेत सभी नेता मौजूद थे। बाद में शहबाज शरीफ ने खुद पूरी समूह तस्वीर साझा कर दी। इस अंतर को सोशल मीडिया यूजर्स ने तुरंत पकड़ लिया और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की पोस्ट पर सवाल उठाने लगे।
फिर शहबाज शरीफ ने पूरी तस्वीर क्यों साझा की?
- विवाद बढ़ने के बाद शहबाज शरीफ ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से पूरी समूह तस्वीर साझा की।
- इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत शंघाई सहयोग संगठन के सभी नेता दिखाई दे रहे थे।
- बाद की तस्वीर में पहले गायब दिख रहे पीएम मोदी भी मौजूद थे।
- इससे पहले और बाद में साझा की गई तस्वीरों के बीच अंतर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया था।
सोशल मीडिया पर लोगों ने कैसे प्रतिक्रिया दी?
इस मामले पर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं। कई लोगों ने दोनों तस्वीरों का अंतर दिखाने के लिए पूरी मूल तस्वीर साझा की। कुछ लोगों ने शहबाज शरीफ को कटोरा पकड़े हुए दिखाने वाली तस्वीरें भी पोस्ट कीं। यह प्रतिक्रिया शहबाज शरीफ के उस पुराने बयान की याद दिलाने के लिए थी, जिसमें उन्होंने आर्थिक मदद मांगने के लिए दुनिया भर में जाने की बात कही थी।
बैठक में आतंकवाद पर पीएम मोदी ने क्या कहा?
शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों से एकजुट होकर कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के पूरे तंत्र और उसकी फंडिंग को खत्म करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंड की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। यह रुख पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की लगातार चिंता के बीच अहम माना गया।
देशों ने आतंकवाद को लेकर क्या रुख अपनाया?
शंघाई सहयोग संगठन के देशों ने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ दृढ़ प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों की कड़ी निंदा की और आतंकवाद से लड़ाई में दोहरे मापदंड को अस्वीकार किया। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि दुनिया के सभी युद्ध और विवाद बातचीत और कूटनीति से सुलझने चाहिए, क्योंकि युद्ध के मैदान से कोई समाधान नहीं निकल सकता।


